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सुल्तानपुरी में दफनाने के बजाए जला दिया युवक का शव

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पुलिस ने दफनाने के बजाए जला दिया युवक का शव
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-23 अगस्त को गायब हुआ था सुल्तानपुरी में रहने वाला युवक
-पहचान नहीं होने पर पुलिस ने शव का कर दिया अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में पुलिस ने एक युवक का शव उसकी पहचान न होने के कारण दफनाने के बजाए जला दिया। करीब सवा तीन माह बाद परिवार को जब इसका पता चला तो उन्होंने कड़ा रोष जताया। मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच कराने की बात कर रहे हैं। मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार ने यदि समय से युवक की गुमशुदगी दर्ज करा दी होती तो शायद उसकी पहचान हो जाती। मृतक की शिनाख्त इस्लाम (35) के रूप में हुई है। इस्लाम अपने बुजुर्ग माता-पिता और चार बहनों के साथ सुल्तानपुरी इलाके में रहता था। 23 अगस्त को इस्लाम घर से निकला और इसके बाद घर नहीं लौटा। परिवार ने खुद तलाश करने के बाद 18 सितंबर को उसकी गुमशुदगी सुल्तानपुरी थाने में दर्ज कराई। परिवार उसकी तलाश में जुटा रहा। इस बीच दर-दर की ठोकरे खाने के बाद दो दिसंबर को मंगोलपुरी पुलिस चौकी जाने पर परिवार को पुलिस ने तीन शवों की फोटो दिखाई। एक शव की कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान इस्लाम के रूप में की। पुलिस ने परिवार को बताया कि इस्लाम का शव 25 अगस्त को उन्हें सुल्तानपुरी माजरा के पास नाले से मिला था। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। कई दिनों तक उसकी पहचान के प्रयास किए गए, लेकिन पहचान न होने पर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इधर परिवार ने पुलिस पर शव को दफनाने के बजाए जलाने पर कड़ा ऐतराज किया। परिवार ने इस्लाम की ससुराल वालों पर ही उसकी हत्या कर शव को नाले में फेंकने का आरोप लगाया है।
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