निगम की पहल से कार्बन उत्सर्जन में आई कमी
-स्ट्रीट लाइट, ई व्हीकल, सोलर प्लांट से करोड़ों की बचत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए दक्षिणी निगम की ओर से की गई पहल से न केवल रुपयों की बचत हुई है बल्कि कार्बन डाई उत्सर्जन में भी काफी कमी आई है। स्ट्रीट लाइट, ई व्हीकल, रूफ टॉप सोलर प्लांट के अलावा स्कूलों में ऊर्जा दक्षता उपायों से निगम ने यह उपलब्धि हासिल की है। स्ट्रीट लाइट परियोजना से 87 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत है, जबकि इस प्रोजेक्ट से अब तक 192 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इस प्रोजेक्ट के तहत कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन की कुल 1.43 लाख टन की बचत हुई है। रूफ टॉप सोलर प्लांट से सालाना 6000 टन कार्बन डाईऑक्साइड की बचत हो चुकी है। इस परियोजना के तहत अब तक 54.75 लाख यूनिट बिजली की बचत हुई है। निगम के सभी 208 भवनों में काम होने बाद प्रतिवर्ष 1.34 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। ई व्हीकल्स के परिचालन निगम के खर्च में भी काफी कटौती हुई है। पहले पेट्रोल के वाहनों पर प्रति किलोमीटर पांच रुपये से भी अधिक खर्च था, लेकिन ई वाहनों के इस्तेमाल से यह राशि प्रति किलोमीटर महज 63 पैसे रह गई है। इससे कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन की भी 173 टन की बचत हुई है। स्कूलों में ऊर्जा दक्षता उपायों के तहत 30 हजार पंखे, 43 हजार से अधिक ट्यूब लाइट बदली गई हैं। दक्षिणी क्षेत्र में सीएसआर के तहत यह बदलाव किया गया है। इस परियोजना के लागू होने से सालाना 15.5 लाख यूनिट बिजली सहित 1317 टन कार्बन डाईऑक्साइड की बचत होगी।