भ्रामरी प्राणायाम से बहरापन हो सकता है दूर : डॉ. तनेजा
नई दिल्ली। भ्रामरी प्राणायाम से मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं को दूर किया जा सकता है। मनुष्य की 95 प्रतिशत बीमारियां मनोदैहिक होती है यानी मानसिक स्थिति से शरीर को प्रभावित करती हैं। ध्यान, प्रणायाम और योग से इसका आसान व स्थायी उपचार किया जा सकता है। ये कहना है नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. एम के तनेजा का। मंगलवार को केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा योगा फॉर पब्लिक हेल्थ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ. तनेजा ने कहा कि भ्रामरी प्रणायाम से बहरापन रोकने, स्मृति लोप व आयु के साथ बढ़ती शारीरिक अक्षमता को रोका जा सकता है। भ्रामरी प्राणायाम करने पर मस्तिष्क से एल्फा ब्रेन वेव, ग्रोथ स्टीमुलेटिंग, सिरोटोनिल, डोपामिन, मैलेटोनिन एवं डीएचईए आदि हारमोन निकलते हैं। ब्यूरो