‘चरखा चलाने से सुधरता
है मानसिक स्वास्थ्य’
- ‘ब्रेन बिहेवियर माइंड्स मैटर्स मैगजीन’ का लोकार्पण आद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। चरखा सिर्फ सूत बनाने का माध्यम भर नहीं है। चरखे के तार आपके मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़े हैं। ब्रेन बिहेवियर रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सहयोग से किए गए एक अध्ययन में यह दावा किया है। इस विषय पर एक राष्ट्रीय परिसंवाद नई दिल्ली के राजघाट स्थित सत्याग्रह मंडप में 17 नवंबर को होगा। इस दौरान फाउंडेशन मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियां लोगों तक पहुंचाने के लिए एक मैगजीन भी लॉच करेगी। ब्रेन एनालिस्ट डॉ. आलोक मिश्र ने बताया कि डब्ल्यूएचओ के आंकड़े के अनुसार भारत में प्रति 1 लाख पर 2443 लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। भारत में प्रति 1 लाख की आबादी पर मनोचिकित्सक 0.3 फीसदी, नर्स 0.12 फीसदी, मनोवैज्ञानिक 0.07 फीसदी और सामाजिक कार्यकर्ता 0.07 फीसदी हैं।