दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन।
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में ठंड की दस्तक और अक्तूबर महीने में वायु गुणवत्ता के खराब होने के आशंका और बीते वर्षों के अनुभवों के आधार पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के पर्यावरण मंत्रियों को पत्र लिखकर वायु गुणवत्ता को ठीक रखने और फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने जैसे कदम पर मुस्तैदी की अपील की है। कहा कि वे अपने राज्य में आदेश जारी कर फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने के साथ वायु प्रदूषण से बचाव और नियंत्रण की पहल करें ताकि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ाने वाले मौसम में भी वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखा जा सके। उन्होंने कहा कि ठंड की शुरुआत होते ही न सिर्फ हवा मंद पड़ जाती है बल्कि हवा की दिशा में होने वाले बदलाव, नमी का बढ़ना और तापमान का कम पड़ना आदि वायु गुणवत्ता को बदतर बना देता है। ऐसे में वायु गुणवत्ता बिगड़ जाती है और पर्टिकुलेट मैटर 10 और पर्टिकुलेट मैटर 2.5 का स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य गैसीय प्रभाव बढ़ जाते हैं। 2016 और 2017 में भी दिल्ली-एनसीआर में अक्तूबर और नवंबर महीने में हवा की आपात स्थिति बन गई थी। इसकी वजह से लोगों को शहर छोड़कर जाना भी पड़ा था। ब्यूरो