धोखाधड़ी में पूर्व बैंक प्रबंधक समेत दो को सजा
नई दिल्ली। बैंकिंग संस्थानों में भ्रष्टाचार देश के निर्माण को रोकता है। इससे देश का विकास तो रुकता ही है, साथ ही सामाजिक ताना-बाना भी प्रभावित होता है। 24 साल पुराने ओरिएंटल बैंक से 1.84 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में अदालत ने यह टिप्पणी करते हुए पूर्व बैंक प्रबंधक समेत दो लोगों को 3-3 साल कैद की सजा सुनाई है। तीस हजारी कोर्ट की विशेष सीबीआई जज कामिनी लाउ ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार को हल्के तरीके से लिया जाए तो इससे ईमानदार अधिकारियों की छवि प्रभावित होती है। मामले में अदालत ओरिएंटल बैंक पूर्व मुख्य प्रबंधक एसके पथरेल्ला (65) और एक निजी कंपनी के निदेशक प्रदीप आनंद को 3-3 साल की सजा सुनाई। ब्यूरो