विदेशी छात्रों को आईआईटी से जोड़ने के लिए अब आईआईटी प्रबंधन खुद विदेशों में जाकर उन्हें भारत में इंजीनियरिंग की डिग्री की पढ़ाई के प्रति जागरूक करेगा। देशभर की आईआईटी का प्रतिनिधिमंडल विदेशों में जाकर गुणवत्ता युक्त शिक्षक और विदेशी छात्रों की खोज करने की योजना बना रहा है। आईआईटी काउंसिल की 21 अगस्त की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने दुनिया को आईआईटी से रू-ब-रू करवाने के लिए विदेशी छात्रों को बीटेक प्रोग्राम में दाखिले की योजना शुरू की थी, लेकिन दो साल के बाद आईआईटी में जेईई एडवांस की परीक्षा पास कर बीटेक प्रोग्राम में दाखिला लेने का आंकड़ा 10 फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाया। इसी के चलते अब आईआईटी खुद विदेशी विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक करेगा। उन्हें पाठ्यक्रम से जुड़ी जानकारियां मुहैया करवाई जाएंगी।
- विदेशी फैकल्टी लाने में पूर्व छात्र करेंगे मदद
आईआईटी में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। आईआईटी दिल्ली में ही 300 पद खाली हैं। गुुणवत्ता युक्त शिक्षा मुहैया करवाने के लिए आईआईटी को अच्छे शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। दरअसल, आईआईटी से उच्च शिक्षा के बाद छात्र विदेशों में चले जाते थे। इसीलिए अब आईआईटी प्रतिनिधिमंडल विदेशों में जाकर आईआईटी के ही पूर्व छात्र जो विदेशी विश्वविद्यालयों में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं या फिर विदेशी मूल के शिक्षकों को भारत लाने पर उनसे बात करेगा।
- आईआईटी दिल्ली विदेेशी छात्रों को देगा स्कॉलरशिप
आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. रामगोपाल राव के मुताबिक, पहली बार आईआईटी दिल्ली ड्यूल पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है, जिसमें विदेशी छात्रों को आईआईटी दिल्ली 75 हजार से एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप, रिसर्च व रहना, खाना आदि भी मुहैया करवाएगा। पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और पीएचडी डिग्री में विदेशी छात्रों और शिक्षकों को जोड़ने पर फोकस होगा। आईआईटी दिल्ली आस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी, ताइवान व कनाडा यूनिवर्सिटी के साथ इसे शुरू करने का प्रयास करेगा।