15 हजार करोड़ की जालसाजी का मामला
जालसाजों ने दिल्ली में खोला था एक और ऑफिस
- अब तक चार कार्यालयों की मिली जानकारी, आठों आरोपियों की रिमांड के लिए कोर्ट में दी अर्जी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी तरीके से कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कराकर 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक के फ्रॉड करने वाले जालसाजों के चौथे ऑफिस का पता चला है। ऑफिस दिल्ली के मयूर विहार में खोला गया था। वहीं मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों की रिमांड लेने के लिए पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में अर्जी दी है। इस मामले की जांच के लिए पुलिस व एसटीएफ की टीम लगातार कई राज्यों में दबिश दे रही है।
नोएडा पुलिस ने बृहस्पतिवार को 2660 फर्जी कंपनी बनाकर 15 हजार करोड़ से अधिक की जालसाजी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया था। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल महिला समेत आठ जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया था। नोएडा पुलिस के साथ राज्य व केंद्र की जीएसटी टीम भी जांच कर रही है। जांच में दिल्ली के मयूर विहार में एक और ऑफिस का पता चला है। इस गिरोह का यह चौथा ऑफिस है। अब तक पुलिस को मधु विहार, शहादरा और पीतमपुरा के ऑफिस की जानकारी थी। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह के अभी दिल्ली सहित कई शहरों में ऑफिस हो सकते हैं।
पुलिस आरोपियों के पास से बरामद गैजेट से मिली जानकारी का सत्यापन करेगी। नोएडा जोन के डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि पुलिस हर दिन इस मामले में तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है और कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। पुलिस के साथ एसटीएफ की टीम भी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली के अलावा कई राज्यों में दबिश दे रही है।
गुजरात के जीएसटी घोटाले से जुड़ सकते हैं तार
कुछ महीने पहले गुजरात में छह हजार करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। दोनों घोटाले एक ही तरीके से अंजाम दिए गए थे। इस मामले में गुजरात पुलिस ने अब तक 44 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। नोएडा में पकड़े गए गिरोह का संबध गुजरात के इस घोटाले से होने की आशंका जताई जा रही है। नोएडा पुलिस लगातार गुजरात पुलिस के संपर्क में है।
36 बैंक अकाउंट में मिले 25 लाख रुपये कराए फ्रीज
पुलिस जांच में गिरोह के 36 बैंक अकाउंट की जानकरी मिली है। जांच के बाद खातों में मिले 25 लाख रुपये सोमवार को फ्रीज करा दिए गए। आशंका जताई जा रही है कि जालसाजों ने कई और बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। नोएडा पुलिस के साथ एसटीएफ, आईबी, केंद्रीय व राज्य जीएसटी, रेवेन्यू इंटेलिजेंस आदि की टीम भी इस मामले की जांच कर रही है।