ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। ग्रेनो वेस्ट स्थित आम्रपाली बिल्डर के कई प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। शनिवार को ड्रीम वैली प्रोजेक्ट के 101 खरीदारों को आशियाने की चाबी सौंपी जाएगी। वहीं, कई प्रोजेक्ट के खरीदारों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) ने निर्माण कार्य पूरे करने का समय री-शेड्यूल किया है। पहले सभी प्रोजेक्ट का निर्माण जुलाई-23 तक पूरा होना था, लेकिन अब फरवरी-24 तक पूरा होगा।
ग्रेनो वेस्ट में आम्रपाली के स्मार्ट सिटी, लेजर वैली, ड्रीम वैली, सेंचुरियन पार्क और लेजर पार्क हैं। सभी प्रोजेक्ट अलग-अलग फेज में बन रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रोजेक्टों का निर्माण एनबीसीसी कर रहा है। ड्रीम वैली विला प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत खरीदारों के सत्यापन का काम चल रहा है। 16 जुलाई को प्रोजेक्ट पर पूजा-हवन किया जाएगा। इस मौके पर करीब 101 खरीदारों को फ्लैट की चाबी सौंपी जाएगी।
वहीं, लेजर पार्क के फेज वन में ई 1 व 4 टावर का भी निर्माण पूरा हो गया है। इन टावर में 148 फ्लैट हैं। इन पर जल्द ही खरीदारों को कब्जा मिलेगा। गोल्फ होम्स में भी 252 फ्लैट बनकर तैयार हैं। लेजर वैली में भी 887 विला तैयार हो चुके हैं। यहां पर कब्जा देने में देरी हो रही है। बता दें कि ग्रेनो वेस्ट में आम्रपाली के सभी प्रोजेक्टों में करीब 34000 खरीदार हैं, जो अपना घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
2023 की जगह 2024 तक होंगे कई प्रोजेक्ट पूरे
आम्रपाली के सभी प्रोजेक्ट का निर्माण जुलाई, 2023 तक पूरा होना था, लेकिन अब कई प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य समय पर पूरा होना मुश्किल है। ऐसे में एनबीसीसी ने कई प्रोजेक्टों को पूरा करने का समय री-शेड्यूल किया है। कुछ प्रोजेक्ट दिसंबर, 2023 तो कुछ फरवरी, 2024 में पूरे होंगे। इनमें ड्रीम वैली, ड्रीम वैली, लेजर वैली प्रोजेक्ट के कई फेज शामिल हैं।
फरवरी, 2024 तक भी पूरा होना मुश्किल
खरीदार दीपांकर कुमार ने बताया कि लेजर वैली के वेरोना हाइट्स और आदर्श आवास योजना फेज में निर्माण कार्य बहुत कम हुआ है। यहां फरवरी, 2024 तक भी काम पूरा होना संभव नहीं है। खरीदारों को और इंतजार करना पड़ सकता है। एनबीसीसी की तरफ से निर्माण में देरी के कारण कोविड, किसान आंदोलन व एनजीटी की रोक आदि बताया गया है।
200 रुपये प्रति वर्ग मीटर के अतिरिक्त पैसे से परेशानी
आम्रपाली के खरीदारों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आईआरपी ने हर खरीदार से 200 रुपये प्रति वर्गफीट के हिसाब से धनराशि लेने का प्रस्ताव दिया है। खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल कर इसका विरोध किया है। अब 25 जुलाई को इस पर सुनवाई होगी। इसके बाद तय होगा कि खरीदारों को अतिरिक्त धनराशि देनी होगी या नहीं। खरीदारों का कहना है कि अगर निर्माण में पैसों की कमी आ रही है तो बिल्डर की संपत्ति को बेचकर पैसा जुटाया जा सकता है। खरीदारों पर भार डालना गलत है।