तीन माह में नोएडा और ग्रेनो के बीच दौडेंगीं 100 ई-बसें
- एक सप्ताह में प्राधिकरण जारी करेगा आरएफपी, पीपीपी मॉडल होगा संचालन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर निजी संचालक 100 ई-बसों का संचालन करेंगे। एक सप्ताह में नोएडा प्राधिकरण की ओर से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर दिया जाएगा। इच्छुक एजेंसियों के आवेदन के बाद किसी एक का चयन किया जाएगा। तीन माह में यहां बसें चलनी शुरू हो जाएंगी।
दरअसल, प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत जिले में 100 ई-बसें लाने की तैयारी है। इसके लिए सेक्टर-90 के डिपो को विस्तार दिया जा रहा है। ई-बसों का संचालन सेक्टर-82 स्थित सिटी बस टर्मिनल से होगा। ई-बसों के लिए 69 स्थानों पर इलेक्टि्रक व्हीकल चार्जर लगाए जा चुके हैं। अभी इनमें से 32 चार्जर काम कर रहे हैं। इन स्टेशनों पर एक साथ 84 वाहनों की बैट्री चार्ज करने की क्षमता है। अधिकारियों के मुताबिक बसों के डिपो और बस टर्मिनल दोनों जगह चार्जिंग स्टेशन की भी सुविधा दी जाएगी। इसका संचालन सुबह पांच बजे से रात 11 बजे तक करने की योजना है।
प्राधिकरण का कंसल्टेंट तैयार कर रहा योजना
ई-बसों को चलाने के लिए प्राधिकरण का कंसल्टेंट योजना तैयार कर रहा है। इन बसों का नाम मिडी बसें रखने की संभावना है। योजना तैयार करने के बाद इसे संबंधित एजेंसी के साथ शेयर किया जाएगा।
50 एसी बसों की योजना पहले ही फ्लॉप
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएमआरसी) की ओर से शहर में 50 एसी बसों की सेवा चलाई गई थी। हालांकि यह योजना फ्लॉप साबित हुईं। यह योजना एनएमआरसी के अलावा प्राधिकरण के लिए घाटे का सौदा साबित हुईं। इसके बाद इसे बंद कर दिया गया। हालांकि मामला अब भी विवादित है। वर्तमान समय में यहां सिटी बस जैसी कोई सेवा नहीं चल रही है। रोडवेज की कुछ बसों के अलावा डग्गामार बसें अलग-अलग रूट पर चलती हैं।
देश के 169 शहर में चलेंगी 10 हजार ई-बसें
देश के 169 शहरों में 10 हजार ई-बसें चलाने की योजना है। इसी योजना के तहत नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी ई-बसें चलाई जाएंगी। इस बाबत नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल के वरिष्ठ प्रबंधक ने बताया कि सिटी बसों के लिए एक सप्ताह में आरएफपी तैयार कर दी जाएगी। इसका संचालन जल्द से जल्द कराने की तैयारी है।