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संशोधित::: खुर्जा, बुलंदशहर के ध्यानार्थ:::: पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर दस साल की जेल

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पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने पर दस साल की जेल
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- दहेज के लिए जिंदा जलाकर मारने के आरोप में दर्ज कराई गई थी एफआईआर
- कुछ गवाहों के मुकरने के बावजूद न्यायालय ने सुनाई सजा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वर्ष 2011 में दनकौर के धनौरी कलां गांव निवासी बबीता की आग से झुलसकर हुई मौत के मामले में जिला न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति जीत सिंह को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। बबीता के भाई ने उसकी मौत के बाद दहेज के लिए और अवैध संबंध का विरोध करने पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन बबीता पक्ष के कुछ गवाह सुनवाई के दौरान मुकर गए।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय रणविजय प्रताप सिंह ने दोषी जीत सिंह को सजा सुनाते हुए 50 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। एडीजीसी नितिन कुमार त्यागी ने बताया कि खुर्जा बुलंदशहर के गांव शहबाजपुर दौलत निवासी सोनू ने दनकौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन बबीता का विवाह 28 नवंबर 2006 को धनौरी कलां दनकौर निवासी जीत सिंह से हुआ था। नौ सितंबर 2011 को बबिता के जलने की सूचना पर परिजन व ग्रामीण धनौरी कलां गांव पहुंचे। परिजन बबीता को इलाज के लिए लेकर जा रहे थे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने जीत सिंह पर दहेज हत्या का केस दर्ज कराया। यह भी आरोप था कि जीत सिंह के एक महिला से अवैध संबंध थे और बबीता इसका विरोध करती थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और आरोप पत्र दाखिल किया। कुछ गवाह मुकरे, लेकिप पुलिस पैरोकार राहुल ने मजबूती से पैरोकारी की। न्यायालय ने गवाहोें के बयान व दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद यह फैसला दिया।
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