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राज्य जीएसटी विभाग के रडार पर 1,000 कारोबारी

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नोएडा। कोरोना संकट के बीच कारोबारियों को आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए सरकार ने कई तरह की रियायतें दी थीं। अब पाबंदियां खत्म हो गई हैं और आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौट आई हैं। इसके बावजूद रिटर्न दाखिल करने में लापरवाही बरती जा रही है। राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) विभाग ने ऐसे करीब एक हजार कारोबारियों की सूची तैयार की है, जिन्होंने पिछले दो साल में रिटर्न दाखिल नहीं की है। सख्ती बरतते हुए ऐसे कारोबारियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इन्हें डिफाल्टर घोषित कर पंजीयन निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है।
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कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए साल 2020 में लंबे समय तक के लिए पाबंदियां लगाई गई थीं। इसके बाद 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी लंबे समय तक लॉकडाउन रहा। कारोबार में जबरदस्त गिरावट आने पर सरकार ने कुछ समय के लिए टैक्स रिटर्न में कारोबारियों को रियायतें दीं। व्यवस्था पटरी पर लौटे काफी समय बीत चुका है। इअ जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले कारोबारियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है।
250 व्यापारी रेड फ्लैग सूची में डाले
बार-बार जीएसटी चोरी करने वाले 250 व्यापारियों को राज्य जीएसटी विभाग ने रेड फ्लैग सूची में डाल दिया है। इस सूची में शामिल व्यापारियों में फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करने वाले, माल से ज्यादा की खरीद दिखाकर टैक्स में छूट लेने वाले, संवेदनशील वस्तुओं की बड़े स्तर पर बिक्री करने वाले व्यापारी शामिल हैं। इनपर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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संदेह के घेरे में ट्रांसपोर्टर भी आए
हर महीने ऐसे दस ट्रांसपोर्टरों को रेड फ्लैग सूची में डाला जा रहा है, जिनके वाहनों का प्रयोग कर व्यापारी जीएसटी चोरी कर रहे हैं। इन ट्रांसपोर्टरों के उन माल वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है जिनमें ईवे बिल में गड़बड़ी, फर्जी प्रपत्रों के जरिये माल ढुलाई की जा रही है और चेकिंग के दौरान कई बार इन वाहनों में कर चोरी कर ले जाया जा रहा माल पकड़ा जा चुका है।
जीएसटी चोरी रोकने के लिए विभाग सख्ती से काम कर रहा है। करीब 250 कारोबारी रेड फ्लैग सूची में डाले गए हैं। 10 ट्रांसपोर्टरों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। - मनोज कुमार विश्वकर्मा, संयुक्त आयुक्त-राज्य जीएसटी
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