नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने अपनी नाबालिग सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म के जुर्म में एक दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 32 वर्षीय दोषी को आईपीसी के तहत दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के लिए दोषी ठहराया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंकित मेहता ने कहा कि सजा देने का कोई निश्चित फार्मूला नहीं है। अपराधों को रोकने और अपराधी के सुधार के दोहरे उद्देश्यों को संतुलित करने की आवश्यकता है। आरोपी ने पीड़िता के साथ ऐसा कृत्य किया, जो अक्षम्य है और सामाजिक मान्यताओं के विपरीत कृत्य है। अदालत ने नाबालिग पीड़िता को 10.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। संवाद