6 साल से संघठन मंत्री प्रधानमंत्री के निर्देश पर
तैयार कर रहे है अभेद
राजस्थान ।
वाराणसी की नीति पर पिछले 6 साल से प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर राजस्थान संघठन मंत्री चन्द्रशेखर ने प्रदेश का कायाकल्प कर दिया है। इससे पहले इसी नीति के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश मैं 55 प्रतिशत मुस्लिम आबादी की 58 सीटों मैं से 54 जीता चुके है।
राजस्थान के विधानसभा चुनाव मैं अब 100 दिन से भी कम समय बाकी है, इसलिए राजस्थान के दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपनी चुनावी तैयारियों मैं जुट चुके है, जहा एक तरफ सत्तारुढ़ कॉंग्रेस पार्टी मैं निरंतर मीटिंग और सर्वे और फीडबैक का दौर जारी है तो वही भाजपा शांत और धैर्य के साथ अपनी समितियों और संघठन विस्तार को अंतिम रूप देने मैं लगी हुई है। बाहर से देखने पर महसूस होता है कि भाजपा मैं चुनावी हलचल या माहौल अभी तक नहीं बन पाया है। परंतु वास्तविकता मैं भाजपा पिछले 6 साल से चन्द्रशेखर के सानिध्य मैं 2023 के विधानसभा चुनाव की तैयारी मैं जुटी हुई है।
बहुत ही विश्वसनीय सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार 6 साल पहले नियुक्त किए गए संघठन मंत्री चन्द्रशेखर ने प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशानुसार काम करते हुए प्रदेश भाजपा को उस जगह खडा कर दिया है जहा से कोई नेता प्रदेश के किसी भी कार्यकर्ता तक चुटकी मैं अपना संदेश पहुचा सकता है।
पिछले 9 साल से रिक्त पद पर प्रधानमंत्री मोदी ने 6 साल पहले चन्द्रशेखर को नियुक्त किया था, जिस समय चन्द्रशेखर राजस्थान भाजपा के सर्वेसर्वा बने उस समय पार्टी एक व्यक्ती के सिधांत पर चल रही थी, कुछ चुनिंदा लोग ही पार्टी थे और पार्टी चला रहे थे, परंतु प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर काशी वाले माडल को लागू करने का फैसला किया गया जिसके तहत आखिरी पायदान पर बेठे कार्यकर्ता का सीधा संवाद शीर्ष नेतृत्व से हो सके और संघठन किसी एक नेता पहुच मैं ना रहकर संगठित होकर काम करे।
भाजपा राष्ट्रीय संघठन मंत्री बी एल संतोष ने भी जयपुर मैं हुई मीडिया कार्यशाला मैं भाजपा के इस माडल को स्थापित करने मैं चन्द्रशेखर की भूमिका पर सराहना की थी, केंद्र के द्वार आने वाले अभियान को देश मैं सबसे बेहतरीन तरीके से लागू और आम ज़न तक पहुंचाया गया है।।
प्रदेश मैं जहा कॉंग्रेस पार्टी चुनाव से पहेले अपने संघठन और कार्यकर्ताओं को टटोल रही है, वही भाजपा के पास देश की एक मात्र 52 हज़ार बूथ पर फोटो युक्त टीम तैयार है जो निरंतर प्रदेश संघठन के दिशा निदेश पर काम कर रही है।
52 हज़ार बूथ की संरचना तैयार करने के बाद भाजपा संघठन मंत्री ने उनसे संवाद के लिए प्रदेश स्तर पर टेक्नोलॉजी के सहरा लेते हुए वाटस उप ग्रुप बनवाने और जमीनी कार्यकर्ताओं को उनसे जोड़ने का काम शुरू किया जिसके फल स्वरूप आज भाजपा के पास 1 लाख वाटस उप तैयार है जिसमें लगभग 2 करोड़ लोगों को जोड़ जा चुका है, सिर्फ एक क्लिक पर भाजपा 2 करोड़ लोगों से सीधे संवाद की स्थिति मैं मौजूद है। मंडल या बूथ का कार्यकर्ता सीधे कॉल करके नेतृत्व से संवाद कर पाते है।
संभाग स्तर पर भी भाजपा ने कॉल सेंटर स्थापित कर चुकी है।
कॉंग्रेस अब आधुनिक कार्यालय बनाने की चर्चा कर रही है परंतु भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश अनुसार निरंतर संवाद कायम रखने के लिय भाजपा कार्यालय को हाई टेक्नोलॉजी के साथ विकसित किया जा चुका है।
टेक्नोलॉजी के ईस्तेमाल मैं भाजपा कॉंग्रेस से मीलों आगे नजर आ रही है,भाजपा कार्यालय मैं बूथ स्तर की वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग से लेकर सेंकड़ों लोगों के एक साथ बैठक करने की भी व्यस्था स्थापित की जा चुकी है।
पिछले 6 साल से चन्द्रशेखर ने प्रदेश भाजपा को जमीनी स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशानुसार संघठन के रूप मैं विकसित किया है।
सूत्र के अनुसार प्रदेश भाजपा को सिर्फ कमल के निशान सहारे चलाया जा सकता है, भाजपा को चलाने के लिये किसी एक नेता की नहीं ब्लकि एक संवाद की आवश्कता है।
भाजपा संघठन मंत्री ने 6 साल से निरंतर इस ढांचे को स्थापित करने के लिए सभी विधानसभा के हर मंडल स्तर तक प्रवास, नेताओं की बूथ स्तर तक बैठक करवाने से लेकर , 500 से भी ज्यादा वीडियों कॉन्फ्रेंस भी की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी के ही निर्देशानुसार हर कार्यकर्ता को अपने काम के लिय जयपुर नहीं आना प़डे इसलिए हर जिले मैं आधुनिक कार्यालय भी शुरू किए जा चुके है।
हर जिले मैं कार्यालय, हर बूथ पर टीम,1 लाख से ज्यादा वाटस उप ग्रुप,3000 से ज्यादा शक्ति केन्द्र, संभाग स्तर पर कॉल सेंटर और निरंतर केन्द्र और प्रदेश के नेताओं से संपर्क प्रणाली को विकसित किया जा चुका है, जो विधानसभा चुनाव के लिय पूरी तरह तैयार है और किसी एक नेता की मोहताज नहीं है।
कॉंग्रेस के मुकाबले भाजपा संघठन काफी मजबूत है।
कॉंग्रेस अब अपना संघठन विस्तार करने और कार्यकर्ता फीडबैक एकत्र कर करने मैं जुटी हुई है वही भाजपा के दूसरे प्रदेश से आए 200 विधायक इस विकसित संघठन का पूरा लाभ लेते हुए पन्ना प्रमुख तक पहुँच बना कर हर विधानसभा की रिपोर्ट तैयार कर केन्द्र को भेजने की तैयारी कर रहे है।