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Noida : अमर उजाला शिक्षक सम्मान समारोह : 143 स्कूलों के एक लाख से अधिक बच्चों ने चुने अपने पसंदीदा शिक्षक

Sun, 08 Sep 2024 05:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

शिक्षकों को नोएडा स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के सभागार में शनिवार को आयोजित अमर उजाला शिक्षक सम्मान समारोह 2024 में यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और पूर्व केंद्रीय मंत्री व गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने ट्रॉफी, मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।  
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सम्मानित शिक्षकों के साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और सांसद महेश शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद के 143 स्कूलों के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने 1,000 शिक्षकों में से अपने पसंदीदा 143 शिक्षक चुने। आठवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने वोटिंग के जरिये इनका चुनाव किया। इन शिक्षकों को नोएडा स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के सभागार में शनिवार को आयोजित अमर उजाला शिक्षक सम्मान समारोह 2024 में यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और पूर्व केंद्रीय मंत्री व गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने ट्रॉफी, मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।  

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शिक्षकों के परिजन, प्रधानाचार्यों के साथ बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोग इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बने। अपनी मेहनत, लगन और जज्बे के बल पर सम्मान पाने वाले शिक्षक इस अवसर पर बेहद खुश नजर आए।  

शिक्षक अपने छात्र के लिए कुम्हार की तरह : ब्रजेश पाठक
आज के दौर में शिक्षकों को अपने छात्रों का चहुंमुखी विकास करना है। हर विधा में पारंगत छात्र तरक्की करने के साथ नौकरी देने वाला भी बनेगा। उसको खुद के लिए नौकरी नहीं मांगनी पड़ेगी। शनिवार को नोएडा सेक्टर-125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित अमर उजाला शिक्षक सम्मान समारोह के दूसरे संस्करण में बतौर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने यह बात कही। समारोह में नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद के 143 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कक्षा 8वीं-12वीं के करीब एक लाख विद्यार्थियों ने मतदान के जरिये 1,000 शिक्षकों में से इनका चयन किया था। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक व उनके परिजन मौजूद रहे।
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खचाखच भरे हॉल में ब्रजेश पाठक ने कहा, शिक्षक अपने छात्र के लिए कुम्हार की तरह है। छोटी उम्र में मां-बाप अगर बच्चों में संस्कार डालते हैं, तो शिक्षक यह बताता है कि बच्चे को दुनिया में काम कैसे करना है। ब्रजेश पाठक ने कहा, इस समय अंकतालिका में शीर्ष स्थान पाने के लिए भागमभाग मची है। हर कोई शीर्ष पर रहना चाहता है। यह कुछ और नहीं, नौकरी पाने के लिए है। यह ठीक है कि एक छात्र विज्ञान पढ़े, गणित पढ़े, जीव विज्ञान पढ़े, लेकिन यह ठीक नहीं कि वह सिर्फ इन विषयों को ही पढ़े। आज इस तरह की शिक्षा की जरूरत है, जिसमें छात्र को सब कुछ आए। उदाहरणों के साथ पाठक ने बताया कि आज ऐसे बहुत से कामयाब लोग हैं, जो पहले बनना कुछ चाहते थे, लेकिन बन कुछ और गए। मौजूदा प्रोफेशन में कमाई के साथ उनको सम्मान भी बहुत ज्यादा मिला।

ब्रजेश पाठक के मुताबिक, आज बच्चों के चहुंमुखी विकास की जरूरत है। देश-दुनिया में क्या हो रहा है, उसे पता होना चाहिए। जिसको सब-कुछ पता होगा, उसको नौकरी तलाशने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह नौकरी देने वाला बनेगा। शिक्षक की भूमिका इसी में अहम है। वही उसको गढ़ता है, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। कबीर का उदाहरण देते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि उनके गुरु रामदास ने गंगा के तट की सीढ़ियों पर कबीर के कान में कुछ कहा, जिनसे बगैर अक्षर ज्ञान की उनकी रचनाएं कालजयी हो गईं। इनको पढ़कर लगता है कि यह आज के लिए ही लिखी गईं हैं।

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