राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली–सहारनपुर रोड (एनएच-709बी) पर बने ग्रीन बेल्ट इलाकों में अवैध कब्जे और हॉर्टिकल्चर टेंडर रद्द करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने इसे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन माना।
अदालत ने नगर पालिका परिषद लोनी, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) समेत सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सभी को अपना जवाब अगली सुनवाई 18 दिसंबर 2025 से एक हफ्ता पहले दाखिल करना होगा।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि लोनी गोलचक्कर से पावी सादतपुर तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में घास लगाने के लिए जारी टेंडर बाद में रद्द कर दिया गया। इसके बाद इन जगहों पर अवैध अतिक्रमण शुरू हो गया। सबूत के तौर पर तस्वीरें और टेंडर दस्तावेज पेश किए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने नगर पालिका परिषद और जीडीए से शिकायत भी की थी। 7 अप्रैल 2025 को एक उल्लंघनकर्ता को नोटिस भेजा गया और 11 अप्रैल 2025 को जीडीए ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पर्यावरणीय नुकसान लगातार बढ़ रहा है।