अभी एप में हो रही है दिक्कत...
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नए कानूनों में मौके की व सीजरमैमो की वीडियाग्राफी को अनिवार्य किया गया है। ई-प्रमाणपत्र से हर अपराध की वीडियो बनाई जाएगी। ये एप वीडियो की हैश वैल्यू बता देगी। पता चल जाएगा कि ये दुबारा खुली है या नहीं। इससे छेड़छाड़ तो नहीं की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए इस नए कानूनों में वीडियोग्राफी को अनिवार्य किया गया है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस आयुक्त ने जिला उपायुक्त को आदेश दिया है कि ई-प्रमाणपत्रों की प्रतिदिन की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी जाए। दिल्ली पुलिस के ई-प्रमाणपद्ध एप को बनाने में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि इस ई-प्रमाणपत्र से ही घटनास्थल व सीजर मीमो आदि की वीडियोग्राफी की जाएगी। ये एप अधिकृत जांच अधिकारियों को ही दी जाएगी। वह अपने मोबाइल में इस डाउनलोड करके इससे वीडियो बनाएंगे।
इस वीडियो को मुख्य सर्वर में डाउनलोड कर देंगे। ई-प्रमाणपत्र से वीडियो की हैश वैल्यू पता लग जाएगी। इस वीडियो को वहीं लोग खोल सकेंगे, जिनके पास इसका पासवर्ड और की होगी।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि ई-प्रमाणपत्र से बनाई गई वीडियो को बदला नहीं जा सकेगा। उसे सर्वर व क्लाउड में रखा जा सकेगा। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने सभी जिला पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि ई-प्रमाणपत्र को कर हर रोज उन्हें रिपोर्ट भेजी जाए। अगर एप में कही कोई कमी है तो उसके बारे में भी तुरंत जानकारी दी जाए।
वीडियो इस कारण पूरी तरह सुरक्षित है
- हर आपराधिक घटना की वीडियो को एक अलग यूनिट नंबर होगा।
- ई-प्रमाणपत्र सुरक्षित है और उसकी सिक्यूरिटी चैकिंग करवाई गई है।
- ई-प्रमाणपत्र का स्टेंडर्स चैक भी करवाया गया है।
- एप का सर्टिफिकेट चैकिंग भी करवाई गई है।
- इस एप से 63 (4) का सर्टिफिकेट खुद ही जनरेट करेगी।
कुछ जगह पर डाउनलोड करने में हो रही परेशानी
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वैसे तो एप ठीक चल रहा है, मगर कुछ जगह एप को मोबाइल में डाउनलोड करने में परेशानी हो रही है। डाउनलोड करने के दौरान साइन इन नहीं होता है। इससे पुलिसकर्मी व अधिकारी परेशान हैं।