पुलिस के मुताबिक बीरपाल परिवार के साथ खजूरी खास के तुकमीरपुर गांव में रहते थे। इनके परिवार में बड़े भाई की पत्नी संतरा देवी, भतीजा दीपक व अन्य सदस्य हैं। बीरपाल अविवाहित थे। उनके बड़े भाई रणवीर की मौत हो चुकी है। इनके पास प्रॉपर्टी है, जिसका किराया आता है। पिछले कुछ दिनों से शामली, यूपी में रहने वाला बीरपाल का भांजा दारा सिंह व उसकी पत्नी खुशी इलाज के लिए दिल्ली आए हुए हैं। दोनों मामा के घर पर ही रुके हुए हैं।
पुलिस को दिए बयान में खुशी ने बताया कि बुधवार रात को बीरपाल अपने कमरे में शराब पी रहे थे। वहीं दूसरे कमरे में दीपक लेटा हुआ था। इस दौरान बीरपाल दीपक को डांटने लगे और गालियां देने लगे। उनका गुस्सा इतना बढ़ा कि वह नशे की हालत में उठे और उन्होंने डंडे से दीपक को बुरी तरह मारना शुरू कर दिया। दीपक भी गुस्से में उठा और बाथरूम से एक लकड़ी का फट्टा उठा लाया।
इसके बाद उसने चाचा के सिर पर जोर से फट्टे को मार दिया। चाचा के सिर से तेजी से खून निकला और वह फर्श पर गिर गए। शुरुआत में दीपक को लगा कि चाचा नशे में बेहोश हो गए हैं। लेकिन काफी देर भी जब वह नहीं उठे तो उसने चाचा की जांच की। चाचा की सांसें रुकीं हुई थीं, इससे दीपक बुरी तरह डर गया। उसने शराब के नशे में चाचा के गिरने की बात की। बाद में बाकी परिजनों के साथ चाचा को खुद ही अस्पताल ले गया।
वहां चाचा की मौत का पता चला। पुलिस मौके पर पहुंची तो दीपक ने पुलिसकर्मियों का फोन नहीं उठाया। पुलिस को बीरपाल की मौत का पता चला। इसके बाद दीपक को भी हिरासत में ले लिया गया। उसने सारी बात पुलिस को बताई। दीपक ने बताया कि उसने डर की वजह से वारदात में इस्तेमाल लकड़ी के फट्टे को पड़ोसी के मकान पर फेंक दिया है। बाद में पुलिस ने दीपक की निशानदेही पर लकड़ी का फट्टा बरामद कर लिया। पुलिस दीपक से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।