नीट यूजी पेपर लीक मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। राउज एवेन्यू अदालत ने इस प्रकरण में आरोपियों पर आरोप तय करने के संबंध में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में कुल 14 व्यक्तियों को आरोपी बनाया है।
18 नवंबर को कोर्ट सुनाएगी फैसला
अदालत अब 18 नवंबर को इस मामले में अपना निर्णय सुनाएगी। यह फैसला मामले की आगे की न्यायिक कार्रवाई की दिशा निर्धारित करेगा। सीबीआई ने पहले जुलाई में 13 आरोपियों के खिलाफ एक आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके उपरांत, 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के विरुद्ध एक पूरक आरोप पत्र भी दाखिल किया। अदालत ने अगस्त 2026 में मुख्य आरोप पत्र का संज्ञान लिया था। अदालत ने प्रारंभिक साक्ष्यों को गंभीरता से परखा है। सीबीआई ने नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक की जांच के लिए मई 2026 में एक मामला दर्ज किया था।
सीबीआई की रिपोर्ट में 14 लोगों के नाम
अदालत द्वारा आरोप तय करने पर आदेश सुरक्षित रखना एक महत्वपूर्ण न्यायिक चरण है। इस प्रक्रिया में अदालत यह मूल्यांकन करती है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार और सबूत मौजूद हैं या नहीं। यदि अदालत आरोप तय करती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध औपचारिक रूप से न्यायिक कार्रवाई शुरू हो जाएगी। सीबीआई ने अपनी विस्तृत जांच के आधार पर इन 14 व्यक्तियों को इस मामले में आरोपी नामित किया है। शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को बाद में पूरक आरोप पत्र के माध्यम से 14वें आरोपी के रूप में जोड़ा गया था।
नीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कर रही
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने मई 2026 में नीट यूजी प्रश्नपत्र लीक प्रकरण की जांच आरंभ की थी। प्रारंभिक छानबीन के पश्चात, जांच एजेंसी ने जुलाई में 13 आरोपियों के विरुद्ध अपना पहला आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने अगस्त 2026 में इस मुख्य आरोप पत्र पर विधिवत संज्ञान लिया। बाद में, शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को शामिल करते हुए 14वें आरोपी के खिलाफ पूरक आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।