नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) अपने 311 मोबाइल एप को और प्रभावी बनाने जा रही है। इसके माध्यम से एनडीएमसी नागरिकों की शिकायतों और सुझावों को सुनती है और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का दावा करती है।
अब परिषद इस एप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस करने की तैयारी में है। इस कदम से न केवल उपयोगकर्ताओं का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि शिकायतों के समाधान में तेजी भी आएगी। इतना ही नहीं, गलतियों की आशंका भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इससे अधिक लोगों को फायदा होगा।
एनडीएमसी अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव के बाद नागरिकों के लिए समस्या दर्ज कराने और ट्रैक करने की प्रक्रिया अधिक सहज व स्पष्ट हो जाएगी। एआई तकनीक को एप से जोड़ने के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।
संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस मॉडल के तहत इस कार्य को चालू वित्त वर्ष में ही पूरा करें। इस मॉडल के अंतर्गत एप को चलाने और अपग्रेड करने का कार्य किसी विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपा जाएगा, जो इसे लगातार अपडेट करती रहेगी। वहीं, एनडीएमसी इस वर्ष यूनिफाइड डाटा तकनीक भी शुरू करने जा रही है।
इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के डाटाबेस को एकीकृत करना है, ताकि विश्लेषण को बेहतर किया जा सके। इस एकीकृत प्रणाली से नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता की निगरानी, समयबद्ध समाधान और प्रभावी प्रशासनिक निर्णय संभव होंगे।
क्या होंगे फायदे
एनडीएमसी का कहना है कि एआई से एप न केवल त्वरित शिकायत समाधान में सक्षम होगा, बल्कि खुद-ब-खुद समस्याओं की प्राथमिकता तय कर सकेगा। उदाहरण के लिए जल निकासी जैसी आपात सेवाओं को एप स्वतः पहचान कर उच्च प्राथमिकता पर रखेगा। इसके अलावा उपयोगकर्ताओं को अपनी शिकायत का फॉलोअप और समाधान की स्थिति जानने के लिए अलग से कॉल या विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एप खुद ही अपडेट करता रहेगा।'
एआई से निगरानी भी होगी सटीक
एनडीएमसी का कहना है कि अब तक विभिन्न सेवाओं की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया मैनुअल फीडबैक व समीक्षा पर आधारित थी, लेकिन एआई से अब यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड और वैज्ञानिक होगी। इससे न केवल सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन बेहतर होगा, बल्कि शिकायतकर्ता को भी भरोसा मिलेगा कि उसकी बात सुनी जा रही है और उस पर काम हो रहा है।