शुक्रवार रात करीब 3.20 बजे फैक्टरी में काम करने वाला मजदूर लालू गहरी नींद में था। अचानक एक तेज धमाके के बाद उसकी आंख खुली। लगा मानों भूकंप आ गया हो। देखते ही देखते फैक्टरी में आग लग गई। लालू बॉलयर फटने से भांप की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस चुके थे। वह एक ओर अचेत हो गए। दूसरे मजदूरों ने किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।
बॉयलर फटने से पहली मंजिल का दरवाजा और दीवार उखड़कर सड़क पर आ गिरी थी। वीरपाल भी मलबे के साथ सड़क पर आकर गिरा और उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही बचाव दल भी मौके पर पहुंचा। आग पर काबू पाने के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। दमकल विभाग के एडीओ सर्बजीत ने बताया कि एक शव मलबे के साथ 30 फीट दूर सड़क से मिला जबकि दूसरा शव पहली मंजिल के जीने पर था। तीसरा शव भी वहीं से मिला। बाकी को पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर निकाल लिया था। उनको दूसरे अस्पताल में भेजा गया। वहां उनका उपचार जारी है। ब
पहली मंजिल पर रखे बॉयलर में हुए धमाके से इमारत में लगी आग
दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिस फैक्टरी में आग लगी वह लगभग 350 गज में बनी है। बेसमेंट में कच्चा और तैयार माल रखा रहता है। ग्राउंड फ्लोर, पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर अलग-अलग मशीनें रखी हैं। पहली मंजिल पर दो कंप्रेशर और दो बॉयलर रखे थे। इनमें एक में धमाका हुआ और पूरी इमारत में आग लगी।
- आग ने लगभग पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। शनिवार दोपहर के समय ही आग पर काबू पाया गया। इसके बाद फैक्टरी में सर्च ऑपरेशन हुआ। क्राइम टीम और एफएसएल की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। बॉयलर फटने की असली वजहों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।