उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मनोज कुमार मीना ने बताया कि नौ नवंबर को न्यू लाजपत राय मार्केट की घड़ी मार्केट निवासी संजय कुमार ने लूटपाट की सूचना की थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने बताया कि वह श्याम गुप्ता नामक कारोबारी का कर्मचारी है। शाम पांच बजे वह दफ्तर में था। इस बीच दो युवक पेमेंट लेने के बहाने दफ्तर में घुस गए।
बाद में इन लोगों ने पिस्टल और चाकू दिखाकर 47 लाख रुपये लूट लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। एसीपी विजय सिंह, थाना प्रभारी जतन सिंह और स्पेशल स्टाफ स्टाफ के एसआई रोहित सारस्वत व अन्य की टीम का गठन किया गया। पुलिस ने पड़ताल शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग से पुलिस ने एक आरोपी संजय दत्त की पहचान कर ली।
500 सीसीटीवी की पड़ताल करने के बाद पुलिस संजय दत्त का पीछा करते हुए लुधियाना के एक होटल पहुंच गई। बाद में उसे दबोच लिया गया। आरोपी को दिल्ली लाया गया। उससे पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी तुषार को दिल्ली से दबोच लिया गया। पूछताछ में संजय ने बताया कि उसने अपने भाई दीपक व तुषार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
तुषार न्यू लाजपत राय मार्केट में कारोबारी है। उसकी सूचना पर संजय ने मार्केट में रेकी की और वारदात को अंजाम दिया। बाद में तीनों ने रुपये बांटे और फरार हो गए। लूटी गई रकम से कर्ज चुकाने के अलावा नई बाइक, जेवरात और घर का काफी सामान भी खरीदा। पुलिस अब दीपक की तलाश कर रही है।