संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
भारतीय सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद को समर्पित संगीतमय रंगमंचीय प्रस्तुति दास्तान-ए-देव आनंद ने गुरुवार शाम राजधानी के त्रिवेणी कला संगम सभागार में दर्शकों को भावुक और झूमने पर मजबूर कर दिया। थ्री आर्ट्स क्लब, कात्यायनी और त्रिवेणी कला संगम की संयुक्त प्रस्तुति ने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर को मंच पर जीवंत कर दिया। इस विशेष प्रस्तुति में अभिनेता देव आनंद के जीवन, संघर्ष, प्रेम, सिनेमा और उनकी सदाबहार शैली को संगीत, संस्मरण और नाटकीय कथावाचन के माध्यम से बेहद आत्मीय अंदाज में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की लेखिका, निर्देशक और मुख्य कथावाचक सोहेला कपूर ने अपने मामा देव आनंद से जुड़े कई दिलचस्प और भावुक प्रसंग साझा किए, जिन्होंने दर्शकों को उनसे और करीब ला दिया। निधिकान्त पाण्डेय ने हिंदी रूपांतरण और सह-कथावाचन के जरिए प्रस्तुति में नाटकीय गहराई जोड़ी। उनकी प्रभावशाली भाषा और मंचीय ऊर्जा ने देव आनंद की छवि को मानो फिर से जीवित कर दिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रहे गायक देवानंद झा, जिन्होंने अपनी आवाज़ में देव आनंद के लोकप्रिय गीतों को प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। सोहेला कपूर ने भी कुछ गीत गाए और युगल प्रस्तुतियों ने माहौल को और अधिक भावुक और जीवंत बना दिया। तबले पर अधीर दास और की-बोर्ड पर जीतू कुमार ने संगीत को प्रभावशाली आयाम दिया।