सोमवार को कक्षा में पढ़ाई चल रही थी तभी 20-25 बंदरों का झुंड परिसर में आया। बच्चों और शिक्षकों ने पहले भगाने का प्रयास किया लेकिन बंदरों ने दौड़ा लिया। शिक्षक और बच्चे एक कमरे में बंद हो गए। करीब आधे घंटे तक बंदरों ने खूब उत्पात मचाया। कार्यालय में घुसकर किताबें फाड़ दीं। कस्बा वासियों ने बंदरों से निजात पाने के लिए पहले भी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को पत्र लिखकर निजात दिलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अब लोगों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र लिखकर समस्या के समाधान की मांग की है। प्रधानाचार्य सलीम ने बताया कि पानी की टोंटी भी बंदरों ने तोड़ दी। नगर पंचायत के अधिशासी अभियंता मनोज मिश्रा का कहना है कि मदरसे में बंदरों के उत्पात की शिकायत नहीं मिली है। वन विभाग को सूचित कर बंदरों को पकड़वाया जाएगा। सलीमुद्दीन का कहना है कि बंदरों की वजह से बच्चे पार्क में खेलने नहीं जा रहे हैं। हमेशा डरे हुए हैं।