एक नेत्रहीन महिला से छेड़छाड़ के मामले में 63 वर्षीय शख्स को दो साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा दोषी ने अपने घिनौने कृत्य से पीड़िता की इज्जत को चकनाचूर कर दिया। दोषी ने 50 वर्षीय नेत्रहीन महिला से छेड़छाड़ की थी।
यह महिला भिखारी है। वह अपनी बेटियों के साथ कालका जी मंदिर स्थित एक धर्मशाला में रहती थी। साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने दोषी रामफल को दो साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का निर्देश दिया है। दोषी कालका जी मंदिर पर फूल बेचने का काम करता था। अदालत ने फैसले में कहा यह सही है कि दोषी की उम्र 63 साल है और उस पर परिवार की जिम्मेदारी है लेकिन इसके आधार पर पीड़िता की पीड़ा को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
यह अपराध समाज में सबसे बुरा माना जाता है। अदालत ने पीड़िता को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया है।अभियोजन के मुताबिक, रामफल ने 2014 में पीड़िता से वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म व छेड़छाड़ की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने रामफल को दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया है।