छोटी-छोटी बातों पर यह चाकू मारने से भी गुरेज नहीं करते हैं। इन लड़कों का कहना है कि वह तो नाबालिग हैं, पुलिस भी इनका कुछ नहीं बिगड़ पाएगी। ज्यादा से ज्यादा दो-चार महीने अंदर बंद रखेगी। उसके बाद तो इनको छोड़ना ही पड़ेगा। करण के परिवार से झगड़ा होने के बाद आरोपी खुलेआम जान से मारने की धमकी देकर गए थे।
करण के चाचा ने बताया कि शुक्रवार शाम को जब उनकी भाभी मंजू ने एक लड़के को डंटा था तो वह और ज्यादा गाली-गलौज करने लगा और उसने अपने साथियों को बुला लिया। परिवार ने उसी समय पीसीआर कॉल की, लेकिन पीसीआर की गाड़ी वहां नहीं पहुंची। आरोपी लड़के तो चले गए, लेकिन देख लेने की धमकी देकर चले गए।
परेशान परिवार उसी दिन रात को आनंद पर्वत थाने पहुंचा और लिखित में आरोपी लड़कों के खिलाफ शिकायत दी। लेकिन इसके बाद भी पुलिस की ओर से कोई एक्शन नहीं हुआ। शनिवार को दिन में आरोपियों ने परिवार को धमकाया। इसके बाद दोबारा पुलिस को खबर दी गई। परिवार थाने भी पहुंचा। लेकिन दोबारा आश्वासन ही मिला।
देर शाम को आरोपियों ने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। परिवार में इकलौते बेटे करण की मौत के बाद से परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। करण की मां मंजू तो रोते-रोते बार-बार बेहोश हुए जा रही थी। परिजन उनको संभालने का प्रयास कर रहे थे। करण के पिता का भी यही हाल है। परिवार ने पुलिस से मामले में सख्य एक्शन लेने की गुहार लगाई है।