बृहस्पतिवार सुबह के करीब 11 बजे थे। संदीप भांजे अजीत और दोस्त मोनू के साथ स्कूटी से इंद्रापुरी, लोनी की ओर जा रहे थे। अचानक धड़ाम की तेज आवाज आई और मेट्रो स्टेशन की दीवार का मलबा वाहन चालकों पर गिरने लगा। इन तीनों के अलावा अन्य लोग भी मलबे की चपेट में आ गए। अचानक हुए हादसे के बाद चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई।
दीवार का कुछ हिस्सा रह-रहकर गिर रहा था। दूर खड़े लोगों ने देखा कि कुछ लोग मलबे की चपेट में आ गए हैं। लाल रंग की जिस स्कूटी पर विनोद कुमार सवार थे, उस पर दीवार की स्लैब का बड़ा हिस्सा गिरा था। कुछ देर बाद मलबा गिरना बंद हुआ तो लोग मदद के लिए भागे।
मलबा गिरने की आवाज सुनकर गोकुलपुरी थाने के पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और पांचों घायलों को बाहर निकाला। चंद ही मिनटों में पीसीआर और एंबुलेंस भी पहुंच गई। घायलों को अस्पताल भेजा गया। विनोद के सिर में गंभीर चोट लगी थी जिससे खून बह रहा था। विनोद को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। उनके पास से मिले कागजात के आधार पर पहचान कर बेटे सागर को फोन पर सूचना दी।
विनोद के परिजन अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद बाकी घायलों के परिजन भी अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए। वहीं, पुलिस ने घटनास्थल की बैरिकेडिंग कर दी। बाद में क्राइम टीम के अलावा एफएसएल को बुलाया गया। जिला पुलिस उपायुक्त के अलावा कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद मलबा हटाकर सड़क को खोल दिया गया।
गुरु तेग बहादुर अस्पताल में चल रहा इलाज
चारों घायलों का इलाज पूर्वी दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि घटना के बाद अस्पताल में पांच मरीज आए थे। इनमें से एक को मृत लाया गया था, जबकि चार अन्य के पैर में चोट लगी है। वहीं, हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि चारों के पैर में गंभीर चोट लगी है। हादसे के बाद से मरीज डरे हुए हैं। पूरी जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।