डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ-साथ लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाला मीडिया भी कोरोना वायरस संकट के समय लगातार काम में जुटा हुआ है। कोरोना वायरस संकट के इस समय मीडियाकर्मियों पर भी काम दबाव बढ़ गया है। ऐसी संकट की घड़ी में रिपोर्टर व अन्य मीडियाकर्मियों की अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करना होता है, ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंचा सके। इसके साथ-साथ सोशल मीडिया के इस युग में एक जिम्मेदारी यह भी बढ़ जाती है कि गलत या झूठी जानकारी से भी आम लोगों को बचाया जाए।
रविवार को जनता कफ्यू के समय में भी पत्रकार अपने दफ्तरों और फील्ड से लगातार काम कर रहे हैं। मीडियाकर्मियों को लोगों से मिलने के साथ-साथ कई जगहों पर जाना पड़ता है। इससे उनके कोरोना की चपेट में आने की आशंका अधिक बढ़ जाती है। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्लोबल इनवेस्टिगेशन जर्नलिज्म नेटवर्क ने पत्रकारों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।