केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद एमसीडी की 12 वार्ड समितियों के चुनाव बुधवार को ही होंगे। उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर एमसीडी के आयुक्त अश्वनी कुमार ने सभी वार्ड समितियों के चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर दिए। उन्होंने एमसीडी के सभी जोन के उपायुक्तों को पीठासीन अधिकारी बनाया है।
इससे पहले मेयर शैली ओबराय ने वार्ड समितियों के चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने से इन्कार कर दिया था। इस बीच केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने का अधिकार दे दिया।
निगम ने चार सितंबर को होने वाले वार्ड समितियों के चुनाव कराने के लिए 30 अगस्त को नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया खत्म होते ही मेयर के पास पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के लिए फाइल भेजी थी। मेयर ने मंगलवार देर शाम चुनाव कराने के लिए पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति करने से इन्कार कर दिया।
आयुक्त को लौटाई फाइल में उन्होंने कहा कि उनकी अंतरात्मा अलोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की इजाजत नहीं देती है। लिहाजा पार्षदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए सिर्फ एक दिन का समय देने के बजाय उन्हें कम से कम एक सप्ताह का समय देने के लिए चुनावी प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाए।
उधर आयुक्त ने उनके आदेश क तहत चुनाव प्रक्रिया टालने के बजाय पूरे प्रकरण से उपराज्यपाल को अवगत कराया। उपराज्यपाल इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के संज्ञान में लाए। गृह मंत्रालय ने उपराज्यपाल को पीठासीन अधिकारी नियुक्त के लिए अधिकार देने के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।
इसके बाद उपराज्यपाल ने बुधवार को ही वार्ड समितियों के चुनाव कराने के लिए एमसीडी के आयुक्त को सभी जोनों के उपायुक्तों को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने के आदेश दिए। इस तरह आयुक्त ने रात करीब 11 बजे सभी जोनों के उपायुक्तों को वार्ड समितियों के चुनाव कराने के आदेश जारी कर दिए।