फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MCD Exit Poll: एग्जिट पोल में AAP को स्पष्ट बहुमत के संकेत, भाजपा को भारी नुकसान; जानें सभी रुझान

Mon, 05 Dec 2022 08:08 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आम आदमी पार्टी पहली बार एमसीडी में 'छोटी सरकार' बना सकती है। ज्यादातर एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत के संकेत मिले हैं। 
विज्ञापन
MCD Exit Poll - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को एमसीडी चुनाव के लिए वोटिंग हुई। सात दिसंबर को नतीजे आएंगे। उससे पहले ही आज सोमवार को गुजरात, हिमाचल और उपचुनावों के बाद दिल्ली एमसीडी चुनाव के भी एग्जिट पोल आ गए हैं। एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी के लिए अच्छी खबर है। आम आदमी पार्टी पहली बार एमसीडी में 'छोटी सरकार' बना सकती है। ज्यादातर एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत के संकेत मिले हैं। वहीं, भाजपा दूसरे नंबर और कांग्रेस तीसरे नंबर पर रह सकती है। आइए जानते हैं पांच बड़े एग्जिट पोल के नतीजे। 

विज्ञापन

दिल्ली एमसीडी में आम आदमी पार्टी की जीत के संकेत
इंडिया टुडे एक्सिस के मुताबिक, दिल्ली एमसीडी में आम आदमी पार्टी की जीत के संकेत मिले हैं। 250 सीटों में से भाजपा को 69 से 91 और आप को 149-171 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि कांग्रेस तीन से सात सीटों पर सिमटने का अनुमान है। 
भाजपा- 69 से 91 सीटें
आप- 149 से 171 सीटें
कांग्रेस- 3 से सात सीटें
अन्य- 00

दिल्ली MCD: 'इंडिया टुडे एक्सिस' का एग्जिट पोल 
आम आदमी पार्टी को महिलाओं ने 46 प्रतिशत और पुरुषों ने 40 फीसदी वोट दिया।
BJP को 34 फीसदी महिला और 36 % पुरुषों ने दिया वोट
कांग्रेस को महिलाओं ने 9 फीसदी और पुरुषों ने 11 फीसदी वोट दिया
अन्य को 11 फीसदी महिलाओं ने तो 13 फीसदी पुरुषों ने वोट दिया।
इंडिया टुडे-एक्सिस के एग्जिट पोल में कुल 250 वार्डों में 34505 सैंपल साइज में सर्वे हुआ है

टाइम्स नाऊ ईटीजी के एग्जिट पोल में भी AAP को स्पष्ट बहुमत
टाइम्स नाऊ ईटीजी का एग्जिट पोल
भाजपा: 84-94    
आप: 146-156    
कांग्रेस: 6-10         
अन्य: 0-4

दिल्ली एमसीडी चुनाव- इंडिया न्यूज जन की बात का एग्जिट पोल
भाजपा -  70 से 92
आप- 150 से 175
कांग्रेस- 7 से 4
अन्य- 1

टीवी9 -ऑन द स्पॉट एमसीडी चुनाव एग्जिट पोल
भाजपा- 92-96
आप- 140-150
कांग्रेस- 6-10
अन्य- 03

जी न्यूज के एग्जिट पोल में AAP को स्पष्ट बहुमत के संकेत
भाजपा: 82-94    
आप: 134-146    
कांग्रेस: 8-14         
अन्य: 14-19

पोल ऑफ पोल्स
भाजपा: 84   
आप: 151   
कांग्रेस: 07       
अन्य: 06

निगम चुनाव में भाजपा का रहा है दबदबा
दिल्ली विधानसभा चुनाव में अधिक सफलता नहीं प्राप्त करने वाली भाजपा का नगर निगम चुनाव में खूब दबदबा रहा है। इस चुनाव से पहलेे नगर निगम के हुए 11 चुनावों में सात बार भाजपा (जनसंघ व जनता पार्टी) ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस तीन बार जीतने में सफल रही। वहीं, नगर निगम के पहले चुनाव में वर्ष 1958 के दौरान किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला था। आम आदमी पार्टी दूसरी बार चुनाव लड़ रही है। वर्ष 2017 में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भाजपा अपना दबदबा बना पाएगी या फिर आम आदमी पार्टी व कांग्रेस उसे रोक पाएंगी अब इसका खुलासा सात दिसंबर को होगा।

एकीकृत नगर निगम के पहली बार चुनाव वर्ष 1958 में हुए थे। इस चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला था। जनसंघ, कांग्रेस व अन्य दलों के पार्षद समझौता करके अलग-अलग वर्ष के दौरान निगम के महत्वपूर्ण पदों पर चुने गए थे। वर्ष 1962 के चुनाव में कांग्रेस ने बाजी मारते हुए बहुमत प्राप्त किया। वर्ष 1967 व 1972 में जनसंघ (अब भाजपा) ने जीत हासिल की। इसके अलावा वर्ष 1977 में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। 

इस चुनाव में जनता पार्टी (अब भाजपा) जीतने में कामयाब हुई, जबकि वर्ष 1983 में कांग्रेस ने भाजपा को हरा दिया। वर्ष 1990 में निगम के भंग कर देने के बाद वर्ष 1997 में हुए चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की, लेकिन वर्ष 2002 के चुनाव में उसे कांग्रेस ने करारी मात दी। भाजपा ने वर्ष 2007 में एक बार फिर वापसी की और उसने निगम का विभाजन होने के बाद अस्तित्व में आई तीनों नगर निगम में भी वर्ष 2012 व 2017 में भी जीत का सिलसिला जारी रखा।

भाजपाइयों ने जनसंघ व जनता पार्टी के जमाने में भी जीत हासिल की थी
नगर निगम के वर्ष 1983 से 2007 के बीच हुए चुनाव में भाजपा का कांग्रेस के साथ मुकाबला हुआ, जबकि वर्ष 1977 में कांग्रेस व जनता पार्टी के बीच चुनावी भिड़ंत हुई थी। उस समय भाजपा नहीं बनी थी और जनसंघ का जनता पार्टी में विलय कर दिया गया था। वर्ष 1980 में जनता पार्टी से निकलकर जनसंघ के नेताओं ने भाजपा का गठन किया था। वहीं, वर्ष 1958 से 1972 तक कांग्रेस व जनसंघ (अब भाजपा) के बीच चुनावी दंगल हुआ था।

दूसरी बार हो रहा है तिकोना मुकाबला
निगम चुनाव में अधिकतर बार कांग्रेस व भाजपा के बीच सीधा मुकाबला हुआ है, लेकिन अब लगातार दूसरी बार तीन प्रमुख दलों के बीच लड़ाई हो रही है। पांच साल पहले वर्ष 2017 में आम आदमी पार्टी ने पहली बार निगम में ताल ठोकी थी और उसने तीनों निगमों में कांग्रेस को पछाड़ते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया था। इससे पहले वर्ष 2007 व 2012 के चुनाव में बसपा ने भी ताल ठोकी, लेकिन वह दोनों बार कोई खास प्रदर्शन नहीं कर सकी।
विज्ञापन

निगम चुनाव में कब कौन जीता
   वर्ष             जीता
1958            किसी को बहुमत नहीं
1962            कांग्रेस
1967            जनसंघ (अब भाजपा)
1972            जनसंघ (अब भाजपा)
1977            जनता पार्टी (अब भाजपा)
1983            कांग्रेस
1997            भाजपा
2002            कांग्रेस
2007            भाजपा
2012            भाजपा
2017            भाजपा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें