संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने कहा कि शादी से नाबालिग की उम्र बढ़ नहीं जाती है। मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत शादी वैध होने पर भी, 18 साल से कम उम्र की पत्नी से यौन संबंध पॉक्सो और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कार्रवाई से छूट नहीं देता। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने एक व्यक्ति की एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि 16 साल की लड़की शादी के बाद भी 16 साल की ही रहती है। याचिकाकर्ता बिलाल ने 20 दिसंबर 2024 को 16 साल तीन महीने की लड़की से शादी की थी। मई 2026 में लड़की गर्भवती हुई, जिससे उसकी उम्र का खुलासा हुआ। उसके बाद दरियागंज थाने में बीएनएस की धारा 64(1) और पॉक्सो की धारा 6 के तहत एफआईआर दर्ज हुई। अदालत ने यह भी कहा कि लड़की की सहमति भी पॉक्सो अपराध को खत्म नहीं करती, क्योंकि कानून 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति को बच्चा मानता है। हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी खारिज कर दी।