रोजाना शाम सात बजे कोचिंग सेंटर की लाइब्रेरी बंद होती थी, लेकिन शनिवार शाम बारिश होने लगी तो सभी छात्र बाहर निकलने की जगह पढ़ाई में व्यस्त हो गए। इस दौरान सड़क पर कई फीट पानी भर गया और कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में नीचे आने वाली सीढि़यों से अचानक पानी आने लगा। पानी नीचे आता देखकर अफरातफरी मच गई। एकाएक पानी की रफ्तार कई गुना बढ़ गई। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता करीब तीन मिनट में 12 फीट तक बेसमेंट में काफी पानी भर चुका था।
सभी छात्र सीढि़यों के पास इकट्ठा होने लगे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि ऊपर चढ़ पाना भी बेहद मुश्किल था। किसी तरह कुछ छात्र बाहर निकल गए, लेकिन 20 से ज्यादा छात्र फंस गए। काला पानी लगातार बढ़ता जा रहा था। शोरशराबे के बीच वहां कुछ लोगों ने रस्सियां डालीं, जिसे पकड़कर कुछ छात्र निकल गए। इसके बावजूद तीन से चार छात्र-छात्राएं फंस गए। पानी बेसमेंट में भरकर छत से मिल चुका था।
चश्मदीद छात्र नकुल ने बताया कि करीब 35 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे। अचानक बारिश के बाद पानी आया तो सब घबरा गए। शुरुआत में धीरे-धीरे पानी आया, लेकिन इसके बाद फौरन सीढि़यों से पानी का तेज बहाव आने लगा। देखते ही देखते पूरा बेसमेंट फुल हो गया। कोचिंग सेंटर के बाहर अक्सर बारिश के बाद पानी भर जाता है। पिछले सप्ताह भी ऐसे ही हुआ था। बारिश के बाद मुख्य सड़क पर पानी भर गया था। दो दिन कोचिंग सेंटर भी बंद रहा था। कारें पानी में तैर रही थीं। वह तो किसी तरह निकल आया, लेकिन तीन से चार छात्राएं और छात्र वहां फंस गए।
आसपास की कई दूसरी इमारतों में भरा पानी
शाम करीब सवा 6:30 बजे पुलिस व दमकल विभाग की टीम को स्टडी सेंटर में पानी भरने और कुछ छात्रों के फंसे होने की सूचना मिली थी। शाम को भारी बारिश से सड़क पर पानी भर गया था, कई आसपास की इमारतों में भी पानी आ चुका था। राव स्टडी सेंटर में काफी तेजी से पानी भरा। दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस के अलावा एनडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है। दो छात्राओं के शवों को निकालकर आरएमएल की मोर्चरी में भेजा गया है। - एम. हर्षवर्धन, मध्य जिला पुलिस उपायुक्त
पिछले साल 15 जून को मुखर्जी नगर में लगी थी आग
पिछले साल 15 जून को मुखर्जी नगर के बत्रा सिनेमा के पास स्थित गयाना भवन में आग लगी थी। दरवाजे के पास स्थित बिजली के मीटर में आग लगने से पूरी इमारत में धुआं भर गया और ऊपर की मंजिल पर पढ़ रहे छात्रों की जान खतरे में पड़ गई। नीचे मौजूद लोग छात्रों को बचाने के लिए उपाय करने लगे, लेकिन वे बेबस थे। इसी बीच लोगों ने रस्सी की मदद से छात्रों को बचाया था।