दिल्ली की नई शराब नीति मामले में मनीष सिसोदिया को एक बार फिर कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सोमवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट लाया गया। राउज एवेन्यू कोर्ट ने ईडी के मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत एक मई तक बढ़ा दी। कोर्ट ने सीबीआई मामले में भी मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत एक मई तक बढ़ा दी।
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष ईडी ने कहा कि सिसोदिया ने यह दिखाने के लिए बनाए गए ई-मेल लगाए है कि नीति के लिए सार्वजनिक स्वीकृति थी।
ईढी ने कहा, हमारे पास सबूत हैं कि सिसोदिया ने ई-मेल प्लांट किए थे। ये न केवल आबकारी विभाग के आधिकारिक ई-मेल खाते में बल्कि उनके व्यक्तिगत ई-मेल खाते में भी प्राप्त हुए हैं। ईडी के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि ई-मेल की सामग्री सिसोदिया द्वारा दी गई थी जो उनके एजेंडे के अनुकूल थी।
मनगढ़ंत ई-मेल यह दिखाने के लिए भेजे गए थे कि नीति को सार्वजनिक स्वीकृति मिली है। यह एक दिखावटी स्वीकृति है, रिश्वत के बदले शराब उत्पादक संघों को लाभ देने के लिए अवैध पारिस्थितिकी तंत्र बनाया गया था। ईडी के विशेष लोक अभियोजक ज़ोहेब हुसैन ने तब अदालत से कहा कि एजेंसी उन्हें केस डायरी दिखाना चाहती है। हालांकि, जांच एजेंसी ने कहा कि उसके खिलाफ जांच पूरी करने के 60 दिन अभी खत्म नहीं हुए हैं। ईडी ने कहा, हम इसे 60 दिनों के बाद आपके सामने रखेंगे।