विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू निकालकर उस पर वार करना शुरू कर दिए। उसके चेहरे, सिर, कमर, सीने, हाथ और कूल्हे पर 25 से अधिक चाकू लगे। बाद में आरोपी उसका बैग और मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए। मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नरेंद्र को एलबीएस अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने लूटपाट के दौरान हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। नरेंद्र के साथ मौजूद उसके दोस्त से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस शनिवार को चार लड़कों को खिचड़ीपुर से हिरासत में लिया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद नरेंद्र का शव परिवार के हवाले कर दिया। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने घटना स्थल का दौरा किया है। नरेंद्र की मौत के बाद से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नरेंद्र एमबीए पास था। एमएनसी से नौकरी छुटने के बाद उसने दो दिन पहले ही रैपिडो में नौकरी शुरू की थी।
पुलिस के मुताबिक नरेंद्र परिवार के साथ इंदिरा गली, मंडावली में रहता था। इसके परिवार में पिता महाराम चौधरी, मां प्रेमवती देवी, दो भाई, तीन बहनों के अलावा पत्नी नेहा व तीन साल की बेटी यशिका और डेढ़ साल का बेटा मिवान है। नरेंद्र ने बीएससी करने के बाद गुजरात की एक यूनिवर्सिटी से एमबीए किया था।
पहले वह एक एमएनसी में नौकरी कर रहा था, लेकिन किसी वजह से उसने नौकरी छोड़ दी थी। फिलहाल उसने कई जगह इंटरव्यू दिए भी थे। इस बीच दो दिन पहले उसने कुछ समय के लिए रैपिडो में नौकरी शुरू की थी। शुक्रवार को उसका पहला दिन था। रात करीब 10 बजे वह घर से किसी काम से दोस्त राहुल के साथ निकला।
रात करीब पौने एक बजे की वारदात...
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि देर रात को नरेंद्र अपने दोस्त के साथ शराब लेने के लिए डीडीए पार्क, सीएनजी गैस स्टेशन आईपी एक्सटेंशन आया था। यहां सूनसान जगह पर चार लड़कों ने नरेंद्र व उसके दोस्त को घेर लिया। नरेंद्र के पास एक बैग था। बदमाशों ने बैग और मोबाइल लूटने का प्रयास किया।
डर की वजह से राहुल वहां से भाग गया। बदमाशों ने नरेंद्र से लूटपाट की। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे चाकू से गोदना शुरू कर दिया। बाद में वह उसे खून से लथपथ हालत में छोड़कर फरार हो गए। 12.46 बजे मामले की सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद राहुल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
नरेंद्र की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल...
नरेंद्र की मौत के बाद उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उसकी मां प्रेमवती और पत्नी नेहा तो रोते-रोते बार-बार बेहोश हुए जा रही थी। दोस्त आशीष ने बताया कि नरेंद्र शुरू से ही पढ़ाई में काफी होशियार था। उसने बीएससी करने के बाद बीटेक में दाखिला लिया था। लेकिन किसी वजह से उसने बीटेक बीच में ही छोड़ दिया था।
बाद में उसने गुजरात की एक यूनिवर्सिटी से एमबीए कर लिया था। बाद में उसने एक एमएनसी में नौकरी शुरू की। चार साल पहले उसकी शादी हुई थी। किसी वजह से उसने नौकरी छोड़ दी थी, लेकिन लगातार वह नौकरी के लिए प्रयास कर रहा था। आशीष ने बताया कि एक-दो जगह से उसके पास ऑफर भी था। अब उसकी मौत से परिजनों का बुरा हाल है।