सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद सीएम को त्याग पत्र दे देना चाहिए : भाजपा
सुप्रीम कोर्ट से पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका रद्द होने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद अरविंद केजरीवाल को नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए, क्योंकि अब उनको मुख्यमंत्री पद पर रहने का कोई हक नहीं रहा है।
सचदेवा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाले में 338 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल की पुष्टि की बात की है। जबकि शराब घोटाले में हर गिरफ्तारी के बाद आप नेताओं को पीड़ित होने का दावा करते हुए देखा था। लिहाजा अब आप नेता पीड़ित कार्ड खेलना बंद कर देंगे। वहीं प्रदेश भाजपा की सचिव व सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता बांसुरी स्वराज ने कहा कि कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत के मामले में लंबी सुनवाई की। काेर्ट ने ईडी से उनकी भूमिका समेत कई सवाल पूछे। सभी तर्कों और ईडी ने रिकॉर्ड पर रखी सामग्री पर विचार करने के बाद जमानत याचिका खारिज की है। दूसरी ओर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अब केजरीवाल के पास इस्तीफे के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा।
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि शराब घोटाला केजरीवाल का घोटाला है, केजरीवाल द्वारा, केजरीवाल के लिए। केजरीवाल मास्टरमाइंड हैं, 'शराब घोटाला' के सरगना हैं। इसमें अब कोई संदेह नहीं बचा है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उनके द्वारा अब तक की गई सभी जांचों को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सही ठहराया गया है।
भाजपा नेता और हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि अगर ईडी ने समन भेजा है तो यह सामान्य बात नहीं है। जरूर कुछ सबूत मिले होंगे। अगर वह (अरविंद केजरीवाल) ) सच्चा है तो उन्हें अपना पक्ष रखना चाहिए। अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो निश्चित तौर पर कानून अपना काम करेगा।