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Liquor Safety: दिल्ली में करोड़ों रुपये की शराब और नकदी पर रहेगा बीमा का पहरा, 182 दुकानें आएंगी दायरे में

Thu, 11 Jun 2026 03:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएससीएससी) ने अपनी 182 शराब दुकानों के लिए व्यापक बीमा योजना तैयार की है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepic
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विस्तार
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राजधानी में सरकारी शराब दुकानों पर रखी शराब, नकदी और अन्य संपत्तियों को अब बीमा सुरक्षा मिलेगी। दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएससीएससी) ने अपनी 182 शराब दुकानों के लिए व्यापक बीमा योजना तैयार की है। इसके तहत करीब 115 करोड़ रुपये मूल्य के शराब स्टॉक, 60 करोड़ रुपये से अधिक नकदी और दुकानों में मौजूद उपकरणों को आग, चोरी और अन्य जोखिमों से सुरक्षित किया जाएगा। इस बीमा व्यवस्था का लाभ केवल सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों के माध्यम से लिया जाएगा।

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115 करोड़ के शराब स्टॉक को मिलेगा सुरक्षा कवच
डीएससीएससी की 182 दुकानों में हर समय बड़ी मात्रा में शराब का स्टॉक मौजूद रहता है। विभाग के अनुसार इन दुकानों में रखे करीब 114.89 करोड़ रुपये मूल्य के शराब स्टॉक को बीमा कवर के दायरे में लाया जाएगा। आगजनी, चोरी या किसी अन्य अप्रत्याशित घटना की स्थिति में होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करेगी।

60 करोड़ से ज्यादा नकदी भी होगी सुरक्षित
बीमा योजना में दुकानों की तिजोरियों और कैश काउंटरों में रखी नकदी को भी शामिल किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक तिजोरियों में रखे करीब 58.02 करोड़ रुपये और काउंटरों में मौजूद करीब 2.02 करोड़ रुपये को बीमा सुरक्षा मिलेगी। यानी कुल 60 करोड़ रुपये से अधिक नकदी को जोखिम से बचाने की तैयारी है।
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एसी, फ्रिज, फर्नीचर और सीसीटीवी भी बीमा दायरे में
दुकानों के बुनियादी ढांचे को भी इस योजना में शामिल किया गया है। एसी, फ्रिज, चिलर, इन्वर्टर, फर्नीचर, कंप्यूटर सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों समेत करीब 8.37 करोड़ रुपये की संपत्तियों का भी बीमा कराया जाएगा। इससे किसी दुर्घटना की स्थिति में सरकारी संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई संभव हो सकेगी।

केवल सरकारी बीमा कंपनियां ही कर सकेंगी भागीदारी
बीमा प्रक्रिया में निजी कंपनियों को शामिल नहीं किया गया है। डीएससीएससी ने स्पष्ट किया कि टेंडर में केवल सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनियां ही हिस्सा ले सकेंगी। इच्छुक कंपनियां 25 जून तक अपनी बोलियां जमा कर सकती हैं। इस योजना के लागू होने के बाद दिल्ली सरकार की शराब दुकानों में मौजूद स्टॉक, नकदी और अन्य संपत्तियों को व्यापक स्तर की सुरक्षा मिलेगी और किसी आकष्मिक घटना से होने वाले आर्थिक नुकसान का जोखिम काफी हद तक कम हो जाएगा।

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