- कोर्ट ने पीड़िता और बच्चे के लिए 18.5 लाख रुपये मुआवजे का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी 38 वर्षीय राम शंकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबीता पुनिया ने कहा कि ऐसे मामलों में समाज और न्याय के हित में कठोर सजा आवश्यक है। अदालत ने टिप्पणी की कि दोषी ने परिवार के भरोसे को तोड़ा और पीड़िता को कम उम्र में गंभीर शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा झेलने के लिए मजबूर किया। कोर्ट ने पीड़िता और उसके एक माह के बच्चे को भी पीड़ित मानते हुए कुल 18.5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। इसमें 12 लाख रुपये पीड़िता और 6.5 लाख रुपये बच्चे के भविष्य के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। दोषी पर पॉक्सो अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।