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एलजी संधू ने की समीक्षा: दिल्ली में दमकल केंद्रों की भारी कमी, पांच मिनट में मदद पहुंचाने का लक्ष्य कोसों दूर

Sat, 17 Oct 2026 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को दमकल सेवा की समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रतिक्रिया समय घटाने, नए केंद्र खोलने और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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एलजी तरनजीत सिंह संधू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में दमकल सेवा को वर्ष 2025-26 में 36,877 आपातकालीन कॉल मिलें, जो छह साल में सर्वाधिक हैं। राजधानी में आग लगने पर पांच मिनट के भीतर मदद पहुंचाने का लक्ष्य अभी चुनौती बना हुआ है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को दमकल सेवा की समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रतिक्रिया समय घटाने, नए केंद्र खोलने और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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बैठक में सामने आया कि आग की करीब 99 फीसदी घटनाएं ऐसे परिसरों में हुईं जिनके पास वैध अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र नहीं था। दिल्ली अग्निशमन सेवा के पास फिलहाल 71 केंद्र हैं। मास्टर प्लान के अनुसार पांच मिनट में प्रतिक्रिया के लिए कम से कम 120 केंद्रों की जरूरत है। उपराज्यपाल ने घनी आबादी वाली कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों और ऊंची इमारतों में दमकल की प्रतिक्रिया के समय की समीक्षा करने को कहा।

50 नए दमकल केंद्र खोलने की तैयारी
दमकल केंद्रों का नेटवर्क 71 से बढ़ाकर 121 करने की योजना है। इसके लिए 50 नए केंद्रों की जमीन से जुड़ी प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है। 23 केंद्रों के लिए जमीन उपलब्ध है, जबकि बाकी 27 के लिए जल्द आवंटन के निर्देश दिए गए हैं। उपराज्यपाल ने डीडीए और राजस्व विभाग से लंबित मामलों को संयुक्त निरीक्षण और समय रहते जमीन देने को कहा। नए केंद्रों के लिए जमीन आवंटन और निर्माण का पूरा खाका तैयार किया जाएगा।
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अग्नि सुरक्षा जागरूकता और चुनौतियां
36,877 आपातकालीन कॉल में से 55.26 फीसदी आग की घटनाओं से संबंधित थीं। उपराज्यपाल ने दमकलकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया तेज करने और जरूरी उपकरणों की खरीद को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल दमकल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। स्कूलों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और व्यापार संघों को जागरूकता अभियानों से जोड़ने की जरूरत है। अनधिकृत कॉलोनियों में रास्तों की कमी और स्वीकृत सीमा से अधिक बिजली का इस्तेमाल भी आग का खतरा बढ़ाता है।

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