एलजी वीके सक्सेना और सीएम अरविंद केजरीवाल
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दिल्ली विधानसभा और सरकार में लगाए गए 437 फेलो, एसोसिएट फेलो व सलाहकार को लेकर उपराज्यपाल कार्यालय ने एक बार फिर से सरकार पर निशाना साधा है। कार्यालय सूत्रों का कहना है कि इनमें से अधिकतर विशेषज्ञ आम आदमी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। इनके चयन प्रक्रिया में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई। इन विशेषज्ञों को सरकारी खजाने से भारी वेतन दिया जा रहा है।
नियुक्ति में एससी, एसटी, ओबीसी के लिए आरक्षण के संवैधानिक प्रावधान को लागू नहीं किया गया। इनकी योग्यताएं भी संदिग्ध हैं। उपराज्यपाल कार्यालय सूत्रों ने नाम के साथ अधिकतर विशेषज्ञों के बारे में बताया कि उनकी योग्यता उक्त पदों के लिए नहीं है।
आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को नियुक्त करने के लिए नियमों को ताक पर रखकर दिल्ली सरकार के अधीन लगभग हर विभाग, एजेंसी, बोर्ड और पीएसयू में उन्हें नियुक्त किया है। आरोप हैं कि इनकी नियुक्ति के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव तक किया है।