उपराज्यपाल ने हेड कांस्टेबल विजय पाल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिस पर अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आपराधिक विश्वासघात का आरोप है।
सरकारी फंड के गबन के मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल ने एक हेड कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। उपराज्यपाल ने कहा है कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सबूतों की सावधानीपूर्वक जांच की गई। उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है। कांस्टेबल ने 2.44 करोड़ रुपये के सरकारी फंड का गबन किया है।
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इससे पहले इसी एफआईआर में दिल्ली पुलिस के 10 अधिकारियों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 197 के तहत अभियोजन की मंजूरी उपराज्यपाल द्वारा दी गई थी। जो अदालत में आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे है। इसी मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही चार अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर चुकी है।
ताजा घटनाक्रम में उपराज्यपाल ने हेड कांस्टेबल विजय पाल के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिस पर अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आपराधिक विश्वासघात का आरोप है। उसपर वेतन, एरियर और ट्यूशन फीस के फंड को अपने निजी इस्तेमाल में खर्च करने का आरोप लगाया गया है।
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जब उपराज्यपाल ने अक्तूबर में 10 अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी, तो उन्हें सूचित किया गया था कि वे सभी अपराध करने के समय बाहरी जिले में तैनात थे, जबकि विजय पाल ट्रैफिक में था। ट्रैफिक का मामला जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।