नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सरोजिनी नायडू महिला अध्ययन केंद्र ने पितृसत्ता का पुनर्संकल्पना : लिंग, सक्रियता और बांग्लादेश का विरोधाभास विषय पर ऑनलाइन लेक्चर का आयोजन किया। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर नाइला कबीर ने सत्र को संबोधित किया। इस दौरान आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बांग्लादेश ने किस तरह उल्लेखनीय सामाजिक प्रगति की सहित दूसरे मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रोफेसर नाइला कबीर ने समझाया कि बांग्लादेश की प्रगति गरीब-समर्थक होने के साथ-साथ लैंगिक रूप से भी न्यायसंगत रही है। इस प्रगति को शिक्षा नीतियों, परिवार नियोजन पहलों, एनजीओ के हस्तक्षेपों और गारमेंट इंडस्ट्री में उपलब्ध अवसरों से बल मिला है। ब्यूरो