दिल्ली सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्रीन एसएम की एप-आधारित 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कंपनी अगले एक साल में दिल्ली-एनसीआर में बेड़े को 10,000 वाहनों तक बढ़ाएगी, जिससे वायु प्रदूषण कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली सचिवालय से ग्रीन एसएम की एप-आधारित इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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साथ ही दिल्ली-एनसीआर में 1,000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों और ग्रीन एसएम मोबाइल एप का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कंपनी ने अगले एक वर्ष में दिल्ली-एनसीआर में अपने इलेक्ट्रिक टैक्सी बेड़े को बढ़ाकर 10,000 वाहनों तक पहुंचाने की योजना की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक फ्लीट राजधानी के हरित परिवहन तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ वायु प्रदूषण कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ऐसी हरित पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो प्रदूषण को कम करने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार करे। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू की गई पहल दिल्ली की स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त परिवहन व्यवस्था के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि ग्रीन मोबिलिटी दिल्ली ईवी नीति का प्रमुख आधार है, जो वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने और वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद करेगी।
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कार्यक्रम में ग्रीन एसएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुयेन वान थान्ह और विन ग्रुप के एशिया मुख्य कार्यकारी अधिकारी फाम सान्ह चाऊ भी मौजूद रहे। ग्रीन एसएम वियतनाम आधारित कंपनी है, जिसने तमिलनाडु में अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया है। कंपनी मेक इन इंडिया पहल के तहत भारत में निवेश कर रही है।
कंपनी के अनुसार, टैक्सियों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए एआई आधारित आंतरिक और बाहरी कैमरे, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम तथा चालक और यात्रियों के लिए आपातकालीन एसओएस बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक वाहन में सड़क, चालक और यात्री क्षेत्र की निगरानी के लिए अलग-अलग कैमरे लगाए गए हैं। कंपनी ने महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए महिला चालकों की संख्या बढ़ाने की भी योजना बनाई है।