नई दिल्ली। जेएनयू ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 पीएचडी दाखिला के संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसके तहत दो बार आवेदन करने वाले उम्मीदवार के दूसरे व नवीनतम आवेदन पर विचार किया जाएगा। पहले आवेदन पर विचार नहीं होगा। अधिसूचना के अनुसार वाइवा परीक्षा के लिए केवल जेआरएफ/नेट-पीएचडी श्रेणी के अंतर्गत मौखिक परीक्षा के लिए आमंत्रित उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें केवल अध्ययन क्षेत्रों (अधिकतम तीन) में प्रवेश के लिए तरजीह मिलेगी। इनका उल्लेख उन्होंने अपने दूसरे आवेदन में किया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल मौखिक परीक्षा में भाग लेने से उन्हें पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश का कोई अधिकार नहीं मिल जाता है। इसके अलावा किसी उम्मीदवार द्वारा जाली दस्तावेजों/झूठे प्रमाण-पत्रों/डिजिटल हेरफेरों (जैसे नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम आदि) के माध्यम से प्रवेश प्राप्त करने के किसी भी कदाचार से विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार सख्ती से निपटेगा। ब्यूरो