पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने गुरुवार को सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर को खारिज कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में लालू के खिलाफ एफआईआर दर्ज है।
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल लालू यादव की ओर से कोर्ट में पेश हुए। जमीन के बदले नौकरी मामले में जांच और एफआईआर के साथ-साथ जांच और उसके बाद के आरोपपत्र कानूनी रूप से कायम नहीं रह सकते, क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत पूर्व मंजूरी प्राप्त करने में विफल रही है।
सुनवाई के दौरान कहा कि धारा 17ए के तहत मंजूरी किसी भी लोक सेवक के खिलाफ जांच या जांच शुरू करने के लिए कानून की अनिवार्य आवश्यकता है। ट्रायल कोर्ट 2 जून को आरोपों पर बहस सुनने वाला है। सिब्बल ने कोर्ट से इसे स्थगित करने के निर्देश पारित करने का आग्रह किया।
वहीं दूसरी तरफ न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा ने सिब्बल के साथ-साथ सीबीआई की ओर से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डी पी सिंह की दलीलों को भी सुना। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह एक आदेश पारित करेंगे।
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