आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने फर्जी वीजा के जरिए विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक एजेंट को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक यात्री से 40 लाख रुपये लेकर उसे अमेरिका भेजने का आश्वासन दिया था। यात्री के पास से फर्जी वीजा मिलने पर उसे नीदरलैंड से निर्वासित कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में यात्री को फर्जीवाड़े के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार एजेंट की पहचान अंबाला हरियाणा निवासी जगबीर सिंह (42) के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 15 जुलाई को अंबाला हरियाणा निवासी 20 साल का अंकुश नाम का यात्री आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचा। वह नीदरलैंड से निर्वासित होकर पहुंचा था। एयरपोर्ट अधिकारियों ने उसके कागजात की जांच की। उसके पासपोर्ट पर ग्वाटेमाला का नकली वीजा चिपका हुआ था। पुलिस ने यात्री के खिलाफ फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
अंकुश ने पूछताछ में बताया कि वह 12वीं तक पढ़ा है। उसके गांव के कई दोस्त जल्दी पैसा कमाने के लिए विदेश गए थे। वह भी बेहतर आजीविका के लिए अमेरिका जाना चाहता था। उसने अपने गांव के गुरजीत नाम के एजेंट से संपर्क किया। उसने जगबीर के साथ मिलकर उसे 40 लाख रुपये में विभिन्न देशों के जरिए अमेरिका भेजने का आश्वासन दिया।
उसने गुरजीत और जगबीर को अलग अलग पांच-पांच लाख रुपये दिए। बाकी की रकम गंतव्य पर पहुंचने के बाद देने की बात तय हुई। इसके बाद एजेंटों ने दुबई, मलेशिया और मिस्र की यात्रा के लिए टिकट और ग्वाटेमाला के वीजा की व्यवस्था की। मई 2024 में उसे दुबई भेज दिया गया और कुछ दिनों के बाद फिर दिल्ली बुला लिया गया। एजेंटों ने उसके बाद दुबई और नीदरलैंड के रास्ते सूरीनाम की यात्रा की व्यवस्था की। लेकिन वीजा फर्जी होने पर उसे नीदरलैंड हवाई अड्डे पर रोक दिया गया।
उत्तराखंड से किया गिरफ्तार
निरीक्षक राजकुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच कर जगबीर सिंह को उत्तराखंड में उसके एक ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह पिछले कुछ सालों से गुरजीत सिंह के साथ एजेंट के रूप में काम कर रहा था और वे लोगों को विदेश भेजने के बहाने ठगते थे।