अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने कुडनकुलम परमाणु विद्युत संयंत्र की सुरक्षा विश्लेषण रिपोर्ट को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकलपीठ ने न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) की याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एनपीसीआईएल को यह रिपोर्ट आरटीआई आवेदक एसपी उदयकुमार को उपलब्ध कराने को कहा गया था। अदालत ने कहा कि एनपीसीआईएल यह रिपोर्ट रूसी संघ के प्रति फिड्यूशियरी (किसी अन्य व्यक्ति के हित में कार्य करने की बाध्यता) क्षमता में रखता है, इसलिए यह सूचना आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(ई) के तहत छूट प्राप्त है। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि रिपोर्ट का खुलासा करने से देश के वैज्ञानिक, सामरिक, आर्थिक हितों और विदेशी संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिसके अंतर्गत यह धारा 8(1)(ए) के तहत भी सुरक्षित है। यह मामला 2010 का है, जब कुडनकुलम प्लांट निर्माणाधीन था। एसपी उदयकुमार ने रिएक्टर I और II से संबंधित सुरक्षा विश्लेषण रिपोर्ट, साइट मूल्यांकन रिपोर्ट और पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट मांगी थी। एनपीसीआईएल ने पर्यावरण रिपोर्ट तो दे दी, लेकिन सुरक्षा रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया।