मुख्ममंत्री केजरीवाल की पेशी के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। दीन दयाल उपाध्याय मार्ग दो स्तर की सुरक्षा का घिरा दिखा। दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) व अर्धसैनिक बल की टुकड़ी तैनात रही। वहीं, कोर्ट के आसपास बैरिकेडिंग की गई। पुलिस आयुक्त व सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी भी मुख्यमंत्री आवास के पास मौके पर तैनात रहे। सुरक्षा बल बिना आईडी कार्ड किसी को प्रवेश नहीं दे रहे थे। सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा।
जैसे ही केजरीवाल अदालत में पेश हुए, वैसे ही उनके माथे पर चिंता की लकीरों को साफ देखा जा सकता था। वह कई बार मायूस नजर आए। कोर्ट की कार्यवाही के बीच वह करीब तीन बार बीच में कुछ देर के लिए छोड़कर गए। इस बीच कोर्ट रूम में एक अलग सी शांति महसूस की गई।
कोर्ट परिसर के अंदर दिल्ली पुलिस की कई टुकड़ियां पांचवें माले तक तैनात दिखीं। वहीं, वेटिंग एरिया सुरक्षा के जवानों से खचाखच भरे रहे। 2 बजे के बाद किसी अधिवक्ता को कोर्ट रूम में अंदर आने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। कोर्ट रूम के बाहर अधिवक्ता कोर्ट परिसर के अंदर दाखिल होने के लिए जद्दोजहद करते रहे। साथ ही, वह नारेबाजी भी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की ओर से उन्हें कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं दिया गया।
ईडी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता एएसजे जेवी राजू को भी कोर्ट रूम में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। सहायक पुलिस आयुक्त की स्वीकृति के बाद उन्हें प्रवेश मिला। कोर्ट रूम में खचाखच भरा रहा। सारे अधिवक्ता सुनवाई सुनने आए। सुनवाई तकरीबन तीन घंटे तक चली।