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Delhi Kanjhawala Case: हादसे के वक्त शराब के नशे में थी अंजलि, विसरा रिपोर्ट से हुआ खुलासा

Fri, 03 Feb 2023 12:06 PM IST
पूजा त्रिपाठी पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Kanjhawala Accident Case: हादसे के वक्त अंजलि के नशे में होने की बात विसरा रिपोर्ट में सामने आई है, जिसकी जानकारी पुलिस सूत्रों से मिल रही है।
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कंझावला कांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली के कंझावला इलाके में 31 दिसंबर और एक जनवरी की दरम्यानी रात को कंझावला सड़क हादसे की शिकार अंजलि की मौत मामले में एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है।

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दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सूत्र के मुताबिक जिस वक्त अंजलि हादसे की शिकार हुई थी,उस वक्त वो शराब के नशे में थी। दरअसल दिल्ली पुलिस ने अंजली की मौत के बाद हुए पोस्टमार्टम के बाद उसके विसरा को सुरक्षित रख लिया था। उस विसरा को बाद में जांच के लिए रोहिणी स्थित फोरेंसिक साइंस लैब को दिया गया था।

लैब ने अंजलि की विसरा रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी को 24 जनवरी को सौंप दी थी। उसी रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि हादसे के वक्त अंजली शराब के नशे में थी।
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हालांकि इस मामले में प्रमुख चश्मदीद रही अंजलि की दोस्त निधि ने पहले ही पुलिस के सामने इस मामले में बयान देकर बताया था कि वह और अंजली दोनों नए साल के पहले वाली रात को एक पार्टी में गए थे। जहां अंजलि ने शराब पी थी और वह हादसे के वक्त नशे में थी।

वो दोनों एक पार्टी से एक ही स्कूटी से लौट रही थीं, उसी दौरान एक बलेनो कार के द्वारा एक्सीडेंट के दौरान निधि बच गई लेकिन अंजलि की मौत हो गई।

यह हादसा जब हुआ उसके बाद से कई बार पुलिस ने अपने बयान बदले। कई दिन तक तो पुलिस मामले में पांच आरोपियों के लिप्त होने की बात कहती रही, फिर बताया कि हादसे के वक्त कार में सिर्फ चार लोग थे। पांचवें शख्स को बाद में बुलाया गया था। इसी तरह हादसे के कई तथ्यों को लेकर पुलिस ने अपने बयान बदले।

जानिए कब-कब पुलिस ने क्या कहा 
  • एक जनवरी को पुलिस ने बताया कि एक कार हादसा से हुआ है, जिसमें पांच लोग सवार थे। मामला दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। धाराएं सड़क दुर्घटना की लगाई गईं।
  • दूसरे दिन पुलिस ने 13 किमी तक घसीटने की बात कही और धाराएं सख्त कीं। इसमें गैर-इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई थी।
  • तीसरे दिन पुलिस ने खुलासा किया कि हादसे के वक्त अंजलि की दोस्त भी निधि स्कूटी पर सवार थी। पूरे मामले की जांच के लिए विशेष पुलिस आयुक्त के निगरानी में कमेटी गठित की गई।
  • चौथे दिन हादसे के दौरान पुलिसकर्मियों की लापरवाही की बात सामने आई।
  • पांचवें दिन पलिस ने खुलासा किया कि मामले में दो अन्य आरोपी भी शामिल हैं। यही नहीं, कार चालक आरोपी दीपक नहीं, अमित है।
  • छठवें दिन पुलिस ने फिर अपनी थ्योरी बदली और बताया कि कार में सिर्फ चार लोग सवार थे। कार चलाने वाले जिस पांचवें आरोपी की बात कही जा रही थी, वह उस वक्त अपने घर पर मौजूद था।

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