कालिंदी कुंज मार्ग के रास्ते फरीदाबाद से नोएडा जाने के लिए लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। बाईपास को कालिंदी कुंज मार्ग से जोड़ने वाले वर्षों पुराने पल्ला पुल का विकल्प तैयार होने वाला है।
अगले तीन महीने में चार लेन का नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। इस पुल के शुरू होने से बाईपास के रास्ते कालिंदी कुंज होकर दिल्ली-नोएडा से फरीदाबाद-पलवल के बीच सफर करने वाले तकरीबन एक लाख लोगों को राहत मिलेगी।
कालिंदी कुंज दिल्ली से पलवल के बीच ट्रैफिक को रफ्तार देने के लिए कालिंदी कुंज से वाया फरीदाबाद होते हुए पलवल तक करीब 42 किलोमीटर लंबे बाईपास की योजना डेढ़ दशक से सरकारी फाइलों में धूल फांक रही है।
हालांकि, कालिंदी कुंज से पल्ला फरीदाबाद तक आगरा नहर के किनारे करीब 14 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क को बना दिया गया है, जिससे अब फरीदाबाद-पलवल से निजी वाहनों के जरिए दिल्ली-नोएडा के बीच आवाजाही करने वाले रोजाना तकरीबन एक लाख लोग इस रास्ते का प्रयोग करते हैं।
बाईपास से कालिंदी मार्ग को जोड़ने वाला पुराना पुल बेहद संकरा है, जिसके चलते सुबह-शाम पीक टाइम में लंबा जाम लगता है। पुल पार करने में लोगों को एक से डेढ़ घंटा जाम में फंसना पड़ता है।
बाईपास से कालिंदी कुंज को जोड़ने के लिए सरायख्वाजा व पल्ला के बीच नए पुल का निर्माण कार्य 80 फीसदी तक पूरा हो गया है। हुडा के अधिकारी करीब दस करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को अगले तीन महीने में पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
पुल की चौड़ाई========18 मीटर
पुल की लंबाई========42 मीटर
नहर पार छह गांव और करीब 20 कॉलोनियां हैं, जिनकी आबादी लाखों में है। बसंतपुर गांव के पास से दिल्ली शुरू हो जाती है। पल्ला में आगरा नहर पर पुराने पुल का विकल्प तैयार होने के बाद इन कॉलोनियों और गांवों से फरीदाबाद शहर के बीच आवाजाही करना आसान हा जाएगा।
पुल के लिए हुआ था अनशन
समाजसेवी बाबा रामकेवल ने करीब दो साल पहले इस पुल के निर्माण के लिए धरना दिया था। उन्होंने अनशन भी दिया था। स्थानीय सांसद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से बातचीत कर इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया था। हालांकि, आगरा नहर के आसपास की जमीन यूपी सिंचाई विभाग की होने के कारण प्रोजेक्ट का काम कई दिनों तक रुका रहा।
फरवरी तक पूरा होना था काम
पल्ला पुल का काम फरवरी 2017 तक पूरा किया जाना था लेकिन निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार के चलते इसकी डेडलाइन बढ़ा दी गई। पुल के निर्माण में सबसे बड़ी अड़चन फंड की कमी को बताया जा रहा है। निर्माण पर होने वाला खर्च हुडा को वहन करना है। आगरा नहर के ऊपर का हिस्सा उत्तर प्रदेश सिंचाई ने बनाया है। ऐसे में इसकी राशि भी हुडा को ही देने का प्रावधान है।
पुल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। वैसे तो इस पुल को तैयार करने की डेडलाइन जनवरी 2018 है लेकिन हमारा लक्ष्य है कि अगले तीन महीने में काम पूरा कर दिया जाए।
- राजीव शर्मा, कार्यकारी अभियंता, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण