नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) ने देशभर में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई तथा उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के सरकारी आदेश की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इन दोनों घटनाओं को लोकतांत्रिक अधिकारों और शैक्षणिक संस्थानों पर हमला बताया है। जेएनयूटीए ने जारी बयान में कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग, मनमानी गिरफ्तारियां और पुलिस कार्रवाई संविधान में दिए गए अधिकारों का उल्लंघन है। जेएनयूटीए ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को तत्काल वापस लेने और पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। छात्र आंदोलनों और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों-शिक्षकों के समर्थन में जेएनयूटीए ने 24 जुलाई को शाम छह बजे जेएनयू के साबरमती टी पॉइंट पर संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ का आह्वान किया है तथा सभी लोगों से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। ब्यूरो